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ganesh ghosh biography in hindi

गणेश घोष की जीवनी जन्म : 22 जून, 1900 , बंगाल उपलब्धियां : स्वतंत्रता के बाद भी उन्होंने अनेक आंदोलनों में भाग लिया और अपने जीवन के लगभग 27 वर्ष जेलों में बिताए गणेश घोष बंगाली भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी और राजनीतिज्ञ थे। मानिकतल्ला बम कांड के सिलसिले में इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। 1928 में वे जेल से बाहर निकले और कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में भाग लिया। सन 1946 में गणेश घोष कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बन गए थे। वे 1952 में बंगाल विधान सभा के और 1967 में लोकसभा के सदस्य चुने गए।जेल यात्रा:जब गाँधी जी ने असहयोग आंदोलन स्थगित कर दिया तो गणेश कोलकाता के जादवपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में भर्ती हो गए। 1923 में उन्हें मानिकतल्ला बम कांड के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया। कोई प्रमाण न मिलने के कारण उन्हें सज़ा तो नहीं हुई पर सरकार ने 4 वर्ष के लिए नज़रबंद कर दिया था। सूर्य सेन से संपर्क: 1928 में वे बाहर निकले और कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में भाग लिया। फिर वे प्रसिद्ध क्रांतिकारी सूर्य सेन के संपर्क में आए और शस्त्र बल से अंग्रेज़ों की सत्ता समाप्त करके

Ravi Teja Net Worth 2020: Car, Salary, Assets, Income, Bio

Ravi teja biography in hindi रवि तेजा तेलगु फिल्म के मशहूर एक्टर है, जिन्होंने हिंदी भासीय क्षेत्र मे भी काफी पहचान बनाई। 49 साल के ये तेलगु सुपरस्टार आज भी फिल्म जगत मे सक्रिय है। रवि तेजा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1990 से की थी। उचे कद और भारी आवाज़ के धनी रवि तेजा तेलगु फिल्म जगत के सबसे धनी अभिनेता है। साउथ मे इन्हे मासमहाराजा नाम से भी जाना जाता है। चलिए रवि तेजा के जीवन के बारे मे कुछ तथ्य जान लेते है - रवि तेजा का प्रारम्भिक जीवन और परिवार :- रवि तेजा का जन्म 26 जनवरी 1968 मे आंध्र प्रदेश के जग्गम्पेता नामक स्थान मे हुआ था। रवि तेजा का पूरा नाम रवि शंकर राजू भूपातीराजू है। रवि तेजा के पिता का नाम राज गोपाल राजू है, वह एक किसान है। इनकी माँ का नाम राज्य लक्ष्मी भूपति राज है, वह एक ग्रहणी है। रवि तेजा के परिवार मे माता पिता के अलावा दो भाई भी है, जिनका नाम भरत राजू जिनका 25  जून 2017 मे एक कार दुर्घटना मे देहांत होगया था। रवि तेजा के भाई भी तेलगु फिल्म मे सक्रिय थे। रवि तेजा की शिक्षा :- रवि तेजा ने अपना शुरुआती जीवन अपने ग्रह जिले विजयवाड़ा मे ही बिताया, यही की एनएसएम 

Brahmanandam biography in hindi | ब्रह्मानंदम का जीवन परिचय

 ब्रह्मानंदम को आज कौन नहीं जनता, जब से साउथ की मूवी को हिंदी मे डब्ड करके टीवी मे चलाया जाने लगा तब से इन्हे पूरे भारत मे पहचान मिली है। ब्रम्हानन्दम दक्षिण भारत की फिल्म जगत के अभिनेता और  हास्य कलाकार है। आज टीवी पर आने वाली हर दूसरी फिल्म मे ब्रम्हानन्दम दिखाई देते है, ब्रम्हानन्दम मुख्य रूप से तेलगु फिल्मों मे काम करते है। इन्होंने हिंदी, तमिल और कन्नड़ फिल्मों मे भी काम किया है। इनका नाम सबसे अधिक फिल्में करने के कारण गिनीज बुक मे दर्ज है।  Brahmanandam biography in hindi |  ब्रह्मानंदम का जीवन परिचय  ब्रम्हानन्दम का प्रारंभिक जीवन एवं परिवार :- ब्रम्हानन्दम का पूरा नाम ब्रम्हानन्दम कनगनती है, इनका जन्म 1 फरवरी 1956 मे आंध्र प्रदेश के सत्तेनापल्ली जिले मे हुआ था। इनके पिता का नाम नागालिंगाचारी है और माँ का नाम लक्ष्मीनरसम्मा है। इनकी पत्नी का नाम लक्ष्मी कनगनती है, और इनके दो बच्चे है जिनके नाम राजा गौतम कनगनती और सिड कनगनती है।  ब्रम्हानन्दम की शिक्षा :- ब्रम्हानन्दम की प्रारम्भिक शिक्षा सत्तेनापल्ली जिले के मुपल्ला गॉव के सरकारी स्कूल से पूरी की। इनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्

jr ntr biography in hindi | जूनियर एनटीआर जीवनी

jr ntr biography in hindi | जूनियर एनटीआर जीवनी जूनियर एनटीआर का शुरुआती जीवन :- सॉउथ के सुपर स्टार जूनियर एनटीआर का पूरा नाम 'नन्दमुरी तारक रामा राव' है, इनका जन्म 20 मई 1983 मे हैदराबाद मे हुआ था। जूनियर एनटीआर पुराने जमाने के सुपरस्टार और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एनटी रामा राव के पोते है। जूनियर एनटीआर के पिता का नाम नंदमूरी हरिकृष्ण है, इन्होंने दो सादी की थी। इनकी पहली शादी 1973 मे लक्ष्मी राव से की थी। इस शादी से उन्हें दो बेटे जानकी राम और कल्याण राम व एक बेटी सुहासिनी हुई। दूसरी शादी उन्होंने शालिनी से की, दूसरी शादी से उन्हें एक बेटा हुआ जिन्हे आप जूनियर एनटीआर नाम से जानते हैं। जूनियर एनटीआर की शिक्षा :- इन्होंने शुरुआती शिक्षा विद्यारान्य हाई स्कूल से प्राप्त की थी, और अपना ग्रेजुएशन सेंट मैरी कॉलेज से पूरा किया था। जूनियर एनटीआर की सादी :- इनकी सादी 2011 मे लक्ष्मी प्रणति से हुई थी, लेकिन इनकी सादी के समय कई अड़चने आई थी, बात तब की है जब साल 2010 में एक वकील सिंगुलुरी शांति प्रसाद ने एनटीआर के खिलाफ चाइल्ड मैरिज एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। दरासल व

Kartar singh sarabha biography in hindi | करतार सिंह सराभा की जीवनी

करतार सिंह सराभा की जीवनी फाँसी के फंदे पर झूलने से पहले करतार सिंह सराभा ने कहा था- हे भगवान मेरी यह प्रार्थना है कि मैं भारत में उस समय तक जन्म लेता रहूँ, जब तक कि मेरा देश स्वतंत्र न हो जाये। करतार सिंह सराभा का प्रारम्भिक जीवन :- सरदार करतार सिंह सराभा का जन्म पंजाब प्रान्त के लुधियाना मे 24 मई 1896 मे हुआ था। करतार सिंह सराभा भारत के उन प्रसिद्ध क्रान्तिकारियों में से एक थे जिन्होंने अपने प्राण देश के लिये हसते हसते न्योछावर कर दिये थे। उन्हें उनके शौर्य, साहस, त्याग एवं बलिदान के लिए हमेशा याद रखा जायेगा। जब करतार सिंह सराभा मात्र 19 वर्ष के थे तब ही उन्होंने भारत के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिये थे। करतार सिंह सराभा के शौर्य एवं बलिदान की मार्मिक गाथा आज भी भारतीयों के लिये प्रेरणा का स्रोत है और भविष्य मे भी देती रहेगी। आज के युवा यदि सराभा के बताये हुए मार्ग पर चलें, तो न केवल अपना, अपितु देश का मस्तक भी ऊँचा कर सकते हैं। करतार सिंह सराभा का क्रन्तिकारी जीवन :- 1905 मे ब्रिटिश सरकार द्वारा किये गये बंगाल विभाजन के कारण पुरे भारत मे क्रांतिकारी आन्दोलन की शुरुआत हो चुकी थ

ram prasad bismil biography in hindi | राम प्रसाद बिस्मिल की जीवनी

 राम प्रसाद बिस्मिल का जीवन परिचय  जब भी भारत के इतिहास में महान क्रांतिकारियों की बात होगी तब-तब इस महान वीर सपूत का जिक्र होगा। राम प्रसाद बिस्मिल बस एक महान क्रन्तिकारी ही नहीं थे, वे एक कवि, शायर, अनुवादक, बहुभाषाविद् व साहित्यकार भी थे। इन्होने अपनी बहादुरी और सूझ-बूझ से अंग्रेजी हुकुमत की नींद उड़ा दी और भारत की आज़ादी के लिये मात्र 30 साल की उम्र में अपने प्राणों न्योछावर कर दिए थे।  राम प्रसाद बिस्मिल प्रारंभिक जीवन :- राम प्रसाद बिस्मिल का जन्म उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में 11 जून 1897 मे हुआ था। राम प्रसाद बिस्मिल के पिता का नाम मुरलीधर बिस्मिल था और माँ का नाम मूलमती बिस्मिल था।  राम प्रसाद बिस्मिल ने शुरुआती शिक्षा अपने पिता से प्राप्त की, उन्होंने हिंदी के साथ-साथ उर्दू भी सीखा। जब वह स्कूल गये तो वहाँ वह आठवीं कक्षा तक प्रथम स्थान हासिल करते रहे थे, परन्तु आठवीं कक्षा के बाद वह किसी कुसंगति के कारण उर्दू मिडिल परीक्षा में वह लगातार दो वर्ष अनुत्तीर्ण हो गए।  राम प्रसाद बिस्मिल जब उर्दू की परीक्षा मे दो बार अनुत्तीर्ण होगये तब उन्हें बहुत दुख पहुंचा क्योंकी वह हर वर्

Nawab mansoor ali khan pataudi biography in hindi | मंसूर अली खान पटौदी की जीवनी| nawab pataudi biography

Nawab mansoor ali khan pataudi biography in hindi मंसूर अली खान पटौदी भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और महान खिलाड़ी थे। उन्होंने अपनी कप्तानी से क्रिकेट जगत विशेष स्थान हासिल किया था। नवाब पटौदी ने अपने नेतृत्व कौशल से भारतीय क्रिकेट मे नये आयाम जोड़े थे। नवाब पटौदी का शुरुआती जीवन :- नवाब पटौदी जिन्हे टाइगर पटौदी भी कहा जाता था, इनका जन्म 5 जनवरी 1941 मे मध्यप्रदेश के भोपाल के शाही परिवार मे हुआ था। नवाब पटौदी ने शुरुआती शिक्षा देहरादून की प्रसिद्ध स्कूल वेलहम बॉयज स्कूल से प्राप्त की, और उन्होंने ज्यादातर उच्च शिक्षा इंग्लैंड से प्राप्त की। नवाब पटौदी का परिवार और शादी :- नवाब पटौदी इफ्तकार अली खान पटौदी के बेटे थे, जो भोपाल के आठवे नवाब थे। इफ्तकार अली खान पटौदी को सीनियर पटौदी नाम से जाना जाता था, उन्होंने भी भारतीय टीम की कप्तानी की थी। नवाब पाटोदी का विवाह 1 मार्च 1967 मे भारतीय फ़िल्म जगत की मशहूर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर से हुआ था। इनके तीन बच्चे हुए जिनके नाम सैफ अली खान, सोहा अली खान और सबा अली खान है। सैफ अली खान और सोहा अली खान अपनी माँ के पद पर चल कर फ़िल्म जगत मे अपना स्थान

Rajyavardhan Singh Rathore Biography In Hindi

राज्यवर्धन सिंह राठौर का जीवन परिचय  Rajyavardhan Singh Rathore Biography In Hindi  राज्यवर्धन सिंह राठौर भारत के प्रसिद्ध निशानेबाज (Shooter) हैं  जिन्होंने 2004 में हुए “एथेंस ओलंपिक” में पुरुष डबल मे पहला रजत पदक जीता था, जिसके चलते हुए पुरे भारत और दुनिया में प्रसिद्धी पाई। आजादी के 57 साल बाद भारत को राज्यवर्धन राठौर ने ओलम्पिक मे रजत पदक दिलाया था। आजादी से पहले 1990 मे ग्रीष्म कालीन ओलम्पिक मे नार्मन प्रिचर्ड ने दो रजत पदक जीते थे। वर्तमान में राज्यवर्धन सिंह राठौर भारत के केंद्रीय मंत्री मंडल मे  सूचना और प्रसारण मंत्री है।  एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित निशानेबाज और पूर्व भारतीय सेना के जवान राज्यवर्धन सिंह राठौर जयपुर ग्रामीण सीट से पार्लियामेंट के सदस्य हैं. वे भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भी है. इन्होंने सन 2014 में हुए, लोक सभा का चुनाव भी जीता. इन्हें सरकार में तब शामिल किया गया, जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने हाल ही में अपने मंत्रीमंडल का विस्तार किया. इन्होंने अपने कैरियर में बहुत से अवार्ड भी जीते. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीवन परिचय यहाँ पढ़ें. राज्यवर्धन सिंह राठौर

Pullela Gopichand biography in Hindi| पुलेला गोपीचंद की जीवनी

 पुलेला गोपीचंद की जीवनी  पुलेला गोपीचंद एक प्रसिद्ध भारतीय बैडमिंटन खिलाडी है। 11 मार्च 2001 मे आल इंग्लैंड बैडमिंटन चैम्पियन शिप जीतकर खेल जगत मे नया इतिहास रच डाला था। इनसे पहले प्रकाश पादुकोण ने इन उचाईयो को छुआ था।   पुलेला गोपीचंद का शुरुआती जीवन :- पुलेला गोपीचंद का जन्म 16 नवम्बर 1973 मे आंध्रप्रदेश राज्य के प्रकाशम जिले के नगन्दला कस्बे मे हुआ था। पुल्लेला गोपीचंद के पिता का नाम  पुल्लेला सुभाष चन्द्र है और माँ का सुब्बरावामा है। पुलेला गोपीचंद ने सेंट पॉल स्कूल से 1988 मे स्कूल की शिक्षा पूरी की। उन्होंने ए. वी.कॉलेज, हैदराबाद से लोक प्रशासन में स्नातक की डिग्री हासिल की। गोपीचंद ने 5 जून 2002 को ओलंपियन बैडमिंटन खिलाड़ी पीवीलक्ष्मी से सादी कर लिया। पीवीलक्ष्मी भी आंध्र प्रदेश से ही हैं। पुलेला गोपीचंद का बैडमिंटन करियर :- बचपन मे गोपीचंद को क्रिकेट खेलने में ज्यादा पसंद था, वह क्रिकेट मे ही अपना करियर बनाना चाहते थे, लेकिन उनके बड़े भाई राजशेखर ने उन्हें बैडमिन्टन मे अपना करियर बनाने   के लिए प्रेरित किया। फिर उन्होंने बैडमिंटन खेलना शुरू किया और जब वे केवल 10 वर्ष के थे, तब

Dilip Shanghvi biography in hindi | दिलीप संघवी की जीवनी | Dilip Shanghvi success story in hindi

Dilip Shanghvi biography in hindi दिलीप संघवी (Dilip Shanghvi) दिलीप संघवी प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति हैं, उन्होंने सन फार्मास्युटीकल्स कंपनी (Sun Pharmaceuticals) की स्थापना की, और वह खुद इस कंपनी के MD यानी मैनेजिंग डिरेक्टर (Managing Director) हैं।   वैसे तो भारत में कई सारी फार्मा कंपनी हैं लेकिन सन फार्मा ने अलग ही पहचान बनाई है ना सिर्फ भारत मे अपितु पूरी दुनिया मे। सन फार्मा आज भी निरंतर  क प्रगति कर रही है, निरंतर प्रगति करने वाली कम ही फार्मा  कम्पनियां भारत मे है। दिलीप शंघवी आज भारत के अग्रणी Drug Maker (दवाई उत्पादक) माने जाते हैं। 2020 मे  इस दिग्गज उद्योग पति की कुल सम्पति 6.9 बिलियन डॉलर आंकी गयी है | इन्हें भारत के दूसरे सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार    “ पद्म श्री ” सम्मान भी नवाजा जा  चूका है।  आइये इन प्रतिभाशाली उद्योग पति के निजी जीवन, बिज़नस करियर, अर्जित पुरस्कार और सम्मान के बारे मे कुछ जान लेते है - दिलीप संघवी शुरआती जीवन (Dilip Shanghvi Early Life):- दिलीप संघवी का जन्म  1 अक्टूबर 1955 मे गुजरती जैन बनिया परिवार मे हुआ था। उनका जन्म अमरेली, गुजरात (भारत) मे हुआ था।

ritesh agrwal biography in hindi | रितेश अग्रवाल की जीवनी | ritesh agrwal success story in hindi

  ritesh agrwal success story in hindi  रितेश अग्रवाल ऐसे युवा है जिन्होंने उस उम्र मे बुलंदियों को छू लिया जिसमे हम जैसे लोग घूमने फिरने और सोसल मीडिया मे टाइम पास करते रहते है। उन्होंने मात्र 20 साल की कम उम्र मे oyo room नाम की कंपनी की स्थापना की, आज इनकी कंपनी का नेट वर्थ 8000 करोड़ रूपये है। oyo आज भारत की तीसरी तीसरी सबसे तेजी से उभरती हुई कंपनी है। रितेश अग्रवाल ने बड़े-बड़े उधमियों और निवेशकों को इस बुलंदियों पर पहुँच कर आश्चर्य चकित कर दिया।  रितेश अग्रवाल का प्रारंभिक जीवन :- रितेश अग्रवाल का जन्म 16 नवम्बर 1993 मे उड़ीसा राज्य के कटक जिले के मध्यम वर्गीय परिवार मे हुआ था। इनके परिवार मे माता पिता और तीन भाई बहन है, इनके पिताजी इंफ्रास्ट्रक्चर कारपोरेशन कंपनी मे साथ मिल कर काम करते है और इनकी माँ एक ग्रहणी है।  इन्होंने शुरुआती शिक्षा sacred heart school से पूरी की जो रायगड़ ओड़िशा मे स्तिथ है। स्कूल पास करने के बाद IIT की तयारी करने के लिए वह राजस्थान के कोटा शहर चले गये।  जब वह अपना शहर छोड़कर कोटा गये तो वहां उन्हें पढ़ाई का माहौल तो अच्छा लगा लेकिन वहां रहने मे उन्हें दिक्कत होत

gulzarilal nanda biography in hindi | गुलज़ारीलाल नन्दा का जीवन परिचय

 gulzarilal nanda biography in hindi  उपलब्धियां :   भारत के ऐसे प्रधानमंत्रि जो दो बार  अतिरिक्त कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में अब तक के एकमात्र ऐसे व्यक्ति रहे, जिन्होंने इस ज़िम्मेदारी को दो बार निभाया। यह प्रासंगिक ही था कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में गुलज़ारी लाल नंदा के व्यक्तित्व और कर्तव्य को भी यहाँ पर प्रस्तुत किया जाता। दरअसल भारत की संवैधानिक परम्परा में यह प्रावधान है कि यदि किसी प्रधानमंत्री की उसके कार्यकाल के दौरान मृत्यु हो जाए और नया प्रधानमंत्री चुना जाना तत्काल सम्भव न हो तो कार्यवाहक अथवा अंतरिम प्रधानमंत्री की नियुक्ति तब तक के लिए की जा सकती है, जब तक की नया प्रधानमंत्री विधिक रूप से नियुक्त नहीं कर दिया जाता।    संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार प्रधानमंत्री के पद को रिक्त नहीं रखा जा सकता। कांग्रेस पार्टी के प्रति समर्पित गुलज़ारी लाल नंदा प्रथम बार पंडित जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद 1964 में कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाए गए। दूसरी बार लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद 1966 में यह कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने। इनका कार्यकाल दोनों बार उसी समय तक सीमित रहा

alluri sitaram raju biography in hindi | अल्लूरी सीताराम राजू का जीवन परिचय | alluri sitaram raju in hindi

alluri sitaram raju biography in hindi | अल्लूरी सीताराम राजू का जीवन परिचय     उपलब्धियां : अल्लुरी सीताराम राजू वह सख्स थे जिन्होंने आंध्र प्रदेश मे लोगों के मन से ब्रिटिश सरकार के डर को निकाल फेंका और उन्हें अंग्रेजो के खिलाफ असहयोग आन्दोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। अल्लूरी सीताराम राजू ने भारत की आज़ादी के लिए अपने प्राण को न्योछावर कर दिया था, वह अपने प्राणों को बलिदान करने वाले वीर क्रांतिकारी शहीदों में से एक थे। लेकिन उनको उत्तर भारत मे बहुत ज्यादा ख्याति प्रपाप्त नहीं हुई थी, लेकिन दक्षिण भारत मे उन्हें बहुत माना जाता है।  (आप को भी उनके बारे मे ज्यादा नहीं पता होगा लेकिन जब राम चरण तेजा ने RRR मूवी मे इनकी भूमिका निभाई तो अल्लुरी सीताराम राजू की चर्चा होने लगी)  अल्लुरी सीताराम राजू का जीवन :- अल्लुरी सीताराम राजू का 4 जुलाई 1897 मे आंध्र प्रदेश मे हुआ था। तब पढ़ाई के आज जितने साधन नहीं थे इसलिए ज्यादा औपचारिक शिक्षा तो उन्हें प्राप्त नहीं हो पाई थी। लेकिन उन्होंने अध्यात्म की शिक्षा अपने परिवार के एक सदस्य से प्राप्त की फिर वह अध्यात्म की और बढ़ते गये। वे काली माँ के उ

harshad mehta biography in hindi | हर्षद मेहता का जीवन परिचय | harshad mehta scam 1992

harshad mehta biography in hindi | harshad mehta scam 1992 हर्षद मेहता का पूरा नाम हर्षद शांतिलाल मेहता है, इनका जन्म 29 जुलाई 1954 को राजकोट जिले के पनेली मोती नामक गांव में एक गुजराती जैन परिवार में हुआ था। हर्षद मेहता ने 1976 में लाजपतराय कॉलेज मुंबई से बी.कॉम की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद अगले आठ वर्षों तक कई तरह के काम करते रहे। इसी दौरान ही वह शेयर बाजार में दिलचस्पी लेने लगे और एक ब्रोकरेज फर्म में शामिल हो गए। इसी शेयर बाजार ने उन्हें बुलंदियों मे पंहुचा दिया। हर्षद मेहता का करियर :- 1984 में वह सभी काम छोड़कर जो उन्हें पसंद था उसी काम मे लग गये। वह एक ब्रोकर के रूप में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सदस्य बन गये और बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) मे एक अन्य दोस्त के साथ मिलकर GrowMore Research and Asset Management नामक फर्म की स्थापना की। उन्होंने 1984 ब्रोकर के रूप मे काम करना शुरू किया था लेकिन अभी तक उन्हे वह सफलता नहीं मिल रही थी जो उन्हें 1986 में मिली। 1986 मे कई बड़ी कंपनी ने उनके फर्म में निवेश किया, और उनकी सेवाओं का उपयोग करने लगे। 1990 आते-आते बीएसई उनका नाम बन गया। इस अ

M Visvesvaraya biography in hindi | एम. विश्वेश्वरैया की जीवनी

 M Visvesvaraya biography in hindi | एम. विश्वेश्वरैया की जीवनी   पूरा नाम :- मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या   जन्म :- 15 सितंबर 1860, चिक्काबल्लापुर, कोलार, कर्नाटक  व्यवसाय :- उत्कृष्ट अभियन्ता(इंजीनियर) एवं राजनयिक  स्वर्गवास :- 14 अप्रैल 1962 भारतरत्न सर एम. विश्वेश्वरैया एक प्रख्यात अभियन्ता (इंजीनियर) और राजनेता थे। उन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके द्वारा किये गये अभूतपूर्व कामों के लिए उन्हें 1955 में देश का सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ दिया गया। उनके जन्मदिन को भारत मे अभियन्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने  हैदराबाद शहर के बाढ़ सुरक्षा प्रणाली के का डिज़ाइन बनाया था और मुख्य इंजीनियर के तौर पर मैसुर के कृष्ण सागर बाँध के निर्माण भी में भूमिका निभाई थी। एम. विश्वेश्वरैया का  प्रारंभिक जीवन:- ऍम.विश्वेश्वरैया का जन्म  15 सितंबर 1860 कोलार जिले के चिक्काबल्लापुर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम श्रीनिवास शास्त्री था और  माँ का नाम वेंकाटम्मा था। उनके पिता संस्कृत के विद्वान और आयुर्वेदिक चिकित्सक थे। जब  विश्वेश्वरैया 12