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Vladimir putin biography in hindi | history of vladimir putin in hindi | पुतिन की बायोग्राफी


Vladimir putin biography in hindi | history of vladimir putin in hindi | व्लादिमीर पुतिन की बायोग्राफी





व्लादमीर पुतिन रुस के वर्तमान राष्ट्रपति है।पुतिन पहली बार  1999 मे रूस के प्रधानमंत्री बने। उसके बाद साल 2000 मे पहली बार राष्ट्रपति बने और 2008 तक राष्ट्रपति रहे। 2008 से 2012 तक फिर प्रधानमंत्री चुने गये। और 7 मई 2012 से  अभी तक रूस के राष्ट्रपति है। पुतिन अपने देश के ही नहीं पूरी दुनिया सबसे ताकतवर नेता है।

पुतिन रूस पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए कभी राष्ट्पति बनते है तो कभी प्रधानमंत्री। रूस का मुख्य कार्यकारी नेता राष्ट्पति होता है। जैसा भारत मे प्रधानमंत्री होता है। लेकिन पुतिन दो दशक से रूस का नेतृत्व कर रहे है चाहे राष्ट्पति बनकर करें या प्रधानमंत्री बनकर  करें।



नाम:- व्लादिमीर पुतिन

जन्म:- 7 अक्टूबर 1952 मे, सेन्ट पीटर्सबर्ग

पिता:- स्पीरीदोनोविच पुतिन

माता:- मरिया सेलोमोवा

भाई:- विक्टर और अल्बर्ट

शिक्षा:- लेनिनग्राद राजकीय विश्विविद्यालय

पत्नी:- ल्यूडमिला शकरेबनेवा

बच्चे:- मारिया पुतिन और एकातेरिना पुतिन



व्लादिमीर पुतिन का प्रारम्भिक जीवन :-


व्लादमीर पुतिन का जन्म 7 अक्टूबर 1952 मे सेन्ट पीटर्सबर्ग, रूस मे हुआ था। उनके पिता का नाम स्पीरीदोनोविच पुतिन था , और माँ का नाम मरिया सेलोमोवा था। उनके तीन बच्चे थे जिसमे पुतिन तीसरे पुत्र थे। पुतिन दोनो बड़े भाई( विक्टर और अल्बर्ट ) का बचपन मे देहांत होगया था। पुतिन के पिता नेवी मे थे, और माँ फैक्टरी मे काम करती थी।


द्वितीय विश्व युद्ध मे पुतिन के पिता पनडुब्बी के हमलावर दस्ते मे थे। द्वितीय विश्व युद्ध के खत्म होने के बाद पुतिन के पिता सेवा निवित्त होगए और लेनिनगार्द (आज का पीटर्सबर्ग) मे एक कारखाने मे काम करने लगे। पुतिन की शुरुआती शिक्षा सेंट पीटर्सबर्ग के लोकल स्कूल से प्राप्त की थी। पुतिन पढ़ने मे बहुत
अच्छे थे और वह बचपन से ही गंभीर स्वाभाव के थे। उन्होंने बचपन से ही जुडो और सेम्बो की ट्रेनिंग शुरु कर दी थी। जुडो मे इन्हें ब्लैक बेल्ट मिला है।


उनके पिता चाहते थे पुतिन भी आर्मी मे जाये, पर उनकी माँ ऐसा नहीं चाहती थी। पुतिन अभी आगे पढ़ना चाहते थे, उनकी माँ भी चाहती थी पुतिन और पढ़े इसलिए उन्होंने लेनिनग्राद राजकीय विश्विविद्यालय मे एडमिशन लिया। और 1975 मे लॉ डिग्री हासिल की। 28 जुलाई 1983 मे पुतिन ने ल्यूडमिला शकरेबनेवा से सादी कर ली। इनकी दो बच्चिया है जिनके नाम मारिया पुतिन और एकातेरिना पुतिन है।


पुतिन ने केजीबी मे कैसे ज्वाइन किया:-


डिग्री हासिल करने के कुछ दिन बाद ही उन्होने केजीबी ज्वाइन कर ली। पुतिन का केजीबी ज्वाइन करने की कहानी भी फिल्म जैसी है पुतिन जब छोटे थे तब वह फिल्म देखना बहुत पसंद था। उन्हें जासूसी फिल्म देखने का बहुत शौक था। वह इन फिल्मों से इतने प्रभावित हुये की 16 साल की उम्र मे वह रूस की गुप्तचर संस्थान केजीबी के ऑफिस पहुंच गये।

वहां के अफसरों से उन्होंने बोला मुझे ज्वाइन करना है। केजीबी के अफसरों ने मजाक समझ कर उन्हें बोला बच्चे जब आप बड़े होजाए तब आना। तब तो पुतिन वापस चले गये, लेकिन इस बात को वह नहीं भुले। सात साल बाद जब उन्होंने 1975 मे अपना स्नातक पूरा किया उसके कुछ दिनों बाद ही उन्होंने केजीबी ज्वाइन कर ली। उन्होंने 16 साल तक केजीबी मे अधिकारी के रूप मे काम किया। जहाँ वह लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से 1991 मे सेवा निवित्त हुये।

पुतिन का प्रधानमंत्री के रूप मे पहला कार्यकाल :-


पुतिन ने 1996 मे राजनीती मे कदम रखा। बोरिस येल्तसिन रूस के तत्कालीन राष्ट्पति के साथ उनके प्रसासन मे शामिल होगए। और पहली बार प्रधानमंत्री बने।

येल्तसिन बहुत जय्दा करप्ट नेता थे, 1999 मे उनका बहुत जय्दा विरोध होने लगा। विरोध के कारण उन्होंने 1999 मे इस्तीफा दे दिया। उसके बाद उन्होंने अपना पद 31 दिसंबर 1999 मे पुतिन को दे दिया। पुतिन प्रधानमंत्री थे अब उन्हें प्रधानमंत्री के साथ कार्यवाहक राष्ट्पति भी बना दिया गया।

राष्ट्रपति के रूप पहला कार्यकाल :-


पुतिन ने साल 2000 मे अपना पहला राष्ट्पति चुनाव जीता, तब वह पहली बार पूर्ण कलिक राष्ट्पति बने। इस चुनाव मे पुतिन को 53% वोट मिले थे। पुतिन ने अपने पहले कार्यकाल मे बहतरीन काम किया रूस की गिरती अर्थ व्यवस्था और गिरती साख को पुनः ऊपर पहुंचाया। सोवियत संघ के विघटन के बाद रूस को कमजोर समझा जाने लगा था। लेकिन पुतिन ने पुनः रूस को बुलंदियों मे पहुंचाया।

पुतिन का राष्ट्रपति के रूप मे दूसरा कार्यकाल :-


जिससे रूस की जनता ने उन्हें फिर से 2004 मे राष्ट्रपति चुनाव जिताया। इस चुनाव मे तो पुतिन को पहले चुनाव से ज्यादा 72% वोट मिले थे। पुतिन ने अपने दूसरे कार्यकाल मे भी बेहतरीन काम किया। लेकिन रूस के संविधान के अनुसार कोई भी राष्ट्पति लगातार तीन बार राष्ट्पति नहीं बन सकता था। इसलिए उन्होंने 2008 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने विस्वास पात्र सहायक दिमित्री मेदवेदेव को राष्ट्पति पद के लिए चुना।

पुतिन प्रधानमंत्री के रूप मे दूसरा कार्यकाल :-


पुतिन का सहायक होने के कारण दिमित्री मेदवेदेव को जनता का भारी समर्थन मिल रहा था। वह बड़ी आसानी से चुनाव जीत गये। और उन्होंने पुतिन को अपना प्रधानमंत्री चुना। पुतिन भले ही राष्ट्पति नहीं थे लेकिन सरकार मे उनकी ही चलती थी। दिमित्री मेदवेदेव के कार्यकाल के खत्म होने से पहले साल 2011 मे पुतिन के कहने पर
मेदवेदेव ने रूस के संविधान मे कई बदलाव किये।


जिसके परिणाम स्वरुप रूस मे राष्ट्रपति के कार्यकाल चार साल से बढ़ाकर छः साल कर दिया गया। लेकिन इस तरह संविधान मे किये गये। सभी जानते थे पुतिन करवा रहे है और अगली बार फिर से राष्ट्रपति बनने के लिये वह यह सब कर रहे है। बदलाव से जनता के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। शहर-शहर मे इस बदलाव के विरोध मे प्रदर्शन किये गये। लेकिन पुतिन विरोध मे कोई बड़ा राजनेता खड़ा नहीं हो सका जिससे यह विरोध कुछ दिन मे ही खत्म होगया।

पुतिन का राष्ट्रपति के रूप मे तीसरा कर्यकाल :-


2012 मे पुतिन राष्ट्रपति पद के तीसरे चुनाव के लिये फिर खड़े हुये। और मार्च 2012 मे उन्होंने यह चुनाव जीत कर तीसरी बार राष्ट्रपति बने। लेकिन इस बार उनकी लोकप्रियता मे कमी आई और पिछली बार से कम 64% वोट प्राप्त हुये। अब वह 4 साल की जगह 6 साल तक राष्ट्रपति रह सकते थे। इस कार्यकाल मे उनपर कई घोटालों के आरोप लगे, और उन्हें दुनिया का सबसे अमीर नेता कहाँ जाने लगा, लेकिन पुतिन ने कभी यह बात नहीं स्वीकारा की उन्होंने घोटाले किये है।

इस बार पुतिन को अपने देश से ही नहीं दूसरे देशों से भी चुनौती मिल रही थी। सीरिया मे अमेरिका और रूस कोल्ड वॉर के बाद पहली बार सामने आगये थे। क्योंकी अमेरिका 'बशर अल असद' की सरकार गिरना चाहता था और रूस ऐसा नहीं होने देना चाहता था। अमेरिका रूस से तो सीधे नहीं भिड़ सकता था।


ऐसे मे अमेरिका सीरिया के विद्रोहीयों को हथियार और पैसे देने लगा तो रूस भी बशर अल असद की सरकार को बचाने के लिए सीरिया की आर्मी को पैसे और हथियार देने लगा। पुतिन की रड़नीति काम कर गई और अमेरिका बशर अल असद की सरकार नहीं गिरा पाया। इससे पुतिन की छवि पूरी दुनिया मे मजबूत हुई और रूस मे वह और भी अधिक माने जाने लगे।

पुतिन का राष्ट्रपति के रूप मे चौथा कार्यकाल :-


इस बात का अंदाजा तब लगा जब पुतिन 2018 मे के चुनाव मे खड़े थे। पुतिन अपने राष्ट्पति के चौथे कार्यकाल के लिये 2018 मे फिर चुनाव मे खड़े हुये। इस बार तो उनके सामने कोई नहीं टिक पाया और उन्होंने इतिहास बनाते हुये 81% मत के साथ चुनाव जीता। और पुतिन चौथी बार रूस के राष्ट्रपति बने। और वह 2020 मे भी रूस के राष्ट्पति है। और 2024 तक वह राष्ट्रपति रहने वाले है।

इन्हे भी देखें -

ऐसा नहीं है की रूस मे पुतिन ने सब अच्छा ही किया है। उनके साथ कई विवाद भी जुड़े है। उन्हें रूस का सबसे करप्ट नेता और दुनिया का सबसे अमीर व्यक्ति कहाँ जाता है। लेकिन कोई साबित नहीं कर पाया। कर भी कैसे पाता है कहाँ जाता है जो भी उनके वरोध मे खड़ा होता है उन्हें गायब कर दिया जाता है या फिर मार ही दिया जाता है। फिर भी रूस की जनता पुतिन को चुनती है क्योंकी उन्होंने रूस को जिन हालतों से निकाला है वह बहुत मुश्किल काम था।

पुतिन की अमीरी का अंदाजा आप उनकी लग्जरी लाइफ स्टाइल से लगा सकते है। पुतिन के पास एक या दो नहीं 43 ऐरोप्लेन , 5 सुपर यॉट, 15 हेलीकाप्टर, 83 कार (जिनमे से जय्दातर सुपर कार है), 20 पैलेसे है। एक पैलेस तो इनके पास ऐसा है जिसके सामने बड़े-बड़े होटल भी कही नहीं टिकते। हलाकि पुतिन बोलते है ऐसा कुछ नहीं है ये सब गलत है। मुझे फसाने के लिये मेरे विरोधी यह सब फैलाते है। पुतिन ने 2014 मे यह बताया की उनके पास सिर्फ 1 एकड़ जमीन है, 900 फिट का घर है, और 200 फिट का एक गरज है, जिसमे उनकी एक कार है। बांकी सब जो आप देखते है वह मुझे राष्ट्रपति के तौर पर मिला है।


((यहाँ पर हमनें आपको व्लादमीर पुतिन के जीवन के बारे में बताया, यदि आपको व्लादमीर पुतिन के बारे मे और कोई  जानकारी चाहिए या आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते है, हम आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतजार कर रहे है। ))

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