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Kim jong un biography in hindi | किम जोंग उन की जीवनी

Kim jong un biography in hindi | किम जोंग उन की जीवनी:-


किम जोंग

किम जोंग उन शुरुआती जीवन एवं शिक्षा (kim Jong Un Early Life and Education):-



उत्तर कोरिया के ताना साह  किम जोंग-उन के जन्म को लेकर आज तक रहस्य बना हुआ है। क्योंकी उत्तर कोरिया के शासको के घर कोई बच्चा पैदा होता है तो किसी को नहीं बताया जाता जब तक वह खुद गद्दी सम्हालने लायक नहीं हो जाता। किम जोंग उन पहली बार 2011 मे पिता की मृत्यु के बाद सामने आये थे।

 पर उत्तर कोरिया के अधिकारी बताते है की किम जोंग का जन्म 8 जनवरी 1982 हुआ है। लेकिन दक्षिण कोरियाई खुफिया एजंसी का मानना ​​है कि उनका जन्म जो बताया जाता है उसके एक साल बाद 1983 मे हुआ है।  
 

किम जोंग उन के पिता का नाम  किम जोंग-इल था। वह भी उत्तर कोरिया के शासक रह चुके है। किम जोंग उन की माँ का नाम योंग हुई था। वह एक ओपेरा सिंगर थी। किम जोंग उन तीन भाई-बहन है, किम जोंग उन उनमे दूसरे थे। उनके बड़े भाई का नाम किम जोंग-चुल है। जिनका जन्म 1981 में हुआ था। जबकि उनकी छोटी बहन का नाम किम यो जोंग है, इनका जन्म 1987 में हुआ था।

किम जोंग उन ने अपनी पूरी पढ़ाई  स्विट्जरलैंड स्कूल की। पहले किसी को नहीं पता था की वह किम जोंग उन है, वह नाम बदलकर स्विट्जरलैंड मे पढ़ रहे थे। जब वह उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर बने तब सबको पता चला यह वही लड़का है जो स्विट्जरलैंड मे पढ़ रहा था। उनके दोस्तों तक को नहीं पता था की वह किम जोंग उन है। किम पढ़ने मे ज्यादा अच्छे नहीं थे, वह बहुत शर्मीले लड़के थे, वह किसी से ज्यादा बात नहीं करते थे। लेकिन वह स्पोर्ट मे बहुत अच्छे थे और उन्हें बेसबॉल बहुत पसंद था।

2012 में पता चला कि किम जोंग ने शादी हो चुकी है। उनकी पत्नी का नाम री सोल जू है। लेकिन शादी की सटीक तारीख अज्ञात है। एक स्रोत से पता चलता है 2009 मे ही शादी कर ली थी। 

किम जोंग उन उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति के रूप मे( Kim Jong Un North Korea President):- 


 किम जोंग-उन के शुरुआती जीवन से पश्चिमी मीडिया और जनता अनजान थी। 2010 मे  किम जोंग के पिता का स्वास्थ खराब रहने लगा तो पूरी दुनिया मे चर्चा होने लगी की इसके बाद कौन होगा अगला मुखिया, तब किम जोंग के पिता ने पहली बार उसे दुनिया के सामने लाया। कहा जाता है तब वह मात्र 26 साल का था।

किम जोंग-इल का उत्तराधिकारी बनने के लिए 28 सितंबर 2010 को, उसे केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष बना दिया गया था। 10 अक्टूबर 2010 को, अपने पिता के साथ, किम जोंग-उन ने सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी की 65 वीं वर्षगांठ के जश्न में भाग लिया। इसे वर्कर्स पार्टी के अगले नेता के रूप में देखा जा रहा था।

लेकिन यह स्पष्ट नहीं था की किम जोंग उन वास्तव में पूरी शक्ति लेंगे, और एक नई सरकार में उनकी सटीक भूमिका क्या होगी। क्योंकी उनके दो बड़े भाई भी थे जो गद्दी सम्हाल सकते थे। उनके दो भाई थे, एक उनके सगे भाई और दूसरे उनके पिता की दूसरी पत्नी के बेटे थे। लेकिन उनमें से किसी को भी देश का नेतृत्व करने में सक्षम नहीं माना गया।

 आखिर किम जोंग उन ने गद्दी सम्हाली।
17 दिसंबर 2011 को किम जोंग-इल का निधन के बाद। उन्हें 24 दिसंबर 2011 को सार्वजनिक रूप से कोरियाई पीपुल्स आर्मी का सुप्रीम कमांडर घोषित किया गया और 30 दिसंबर 2011 को उन्होंने  औपचारिक रूप से इस पद को ग्रहण किया।

उत्तर कोरिया के किम जोंग उन की तानाशाही( North Korean Dictator Kim Jong Un)


जब किम जोंग उन ने गद्दी सम्हाली तब वह बहुत भोला और शांत स्वाभाव का लगता था। किसी को नहीं पता था की किम जोंग अपने पिता और दादा से भी खतरनाक होगा। उसने अपने पागलपन की झलक पहली बार तब दिखाई जब उसके पिता की मृत्यु हुई। 

उसने फरमान जारी कर दिया की देश के हर व्यक्ति को तीन दिन तक सोक बनना पड़ेगा और जो उसकी अंतिम यात्रा मे आएगा उन सभी को रोना पड़ेगा। उत्तर कोरिया के लोग वैसे भी किम के परिवार को भगवान मानती है तो वैसे भी सब रो रहे थे लेकिन कुछ व्यक्ति जो नहीं रोये थे उन्हें मार दिया गया या फिर गायब कर दिया गया। 

जब किम जोंग उन ने गद्दी सम्हाली तब उनके बारे मे बहुत बढ़ा चढ़ा कर बताया गया। की वह पढ़ने और  स्पोर्ट  मे बहुत अच्छे थे। वह ऐसे व्यक्ति है जो उत्तर कोरिया का सपना पूरा कर सकते है उत्तर कोरिया को दछिण कोरिया को एक कर सकते है और वही है जो उत्तर कोरिया का विकास कर सकते है।

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने किम जोंग-उन को "स्वर्ग से उत्पन्न एक महान व्यक्ति" के रूप में वर्णित किया, इसके पहले सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने केवल उनके पिता और दादा ने प्रचार किया था।  सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ने एक संपादकीय में कहा, “किम जोंग-उन" हमारे देश के सर्वोच्च नेता है। हम उनके लिए कुछ भी कर सकते है, अपना खून भी बहा सकते है।
 
किम जोंग ने उत्तर कोरिया का सर्वोच्च नेतृत्व ग्रहण करने के बाद, पिता के शासन मे रहे कई वरिष्ठ अधिकारियों को हटा दिया।   हटाए गये अधिकारियो मे उनके चाचा जैंग सोंग थेक (जिन्हें चांग सोंग-टेक भी कहा जाता है), जिनके बारे में माना जाता है कि
किम जोंग-इल के शासन के दौरान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और किम जोंग-इल के शीर्ष सलाहकारों में से एक माना गया था।

किम जोंग ने अपने चाचा को गिरफ्तार करने का आदेश दे दिया, दिसंबर 2013 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और देशद्रोही होने और सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश रचने के लिए उन्हें मौत की सजा दी गई। किम जोंग ने उन्हें भूके कुत्तों के साथ जेल मे डाल दिया। भूके कुत्तों ने उन्हें कुछ मिनट मे मार कर खा लिया। किम जोंग उन को इसका जरा भी पछतावा नहीं था उसने इसका पुरे देश मे प्रचार किया। जिससे उसके सामने कोई कभी खड़ा ना हो।

2013 में, फोर्ब्स ने किम जोंग-उन को दुनिया का 46 वां सबसे शक्तिशाली व्यक्ति बताया था। 
  
फरवरी 2017 में, किम के बड़े भाई किम जोंग नम का मलेशिया में निधन हो गया था। कई लोगों का मानना है की उन्हें भी किम जोंग उन ने ही मरवाया था। किम जोंग नम को कुआलालंपुर हवाई अड्डे पर जहर दिया गया था। हलाकि किम जोंग नम का सत्ता मे कोई दखल नहीं था। 

उन्हें किम जोंग उन ने पहले ही उत्तर कोरिया से निकाल दिया था क्योंकी उन्होंने किम जोंग उन की आलोचना कर दी थी। लेकिन किम जोंग उन्हें हमेशा अपनी सत्ता का सबसे बड़ा खतरा मानता था। उसे डर था की अमेरिका और दछिण कोरिया मिल कर उसे उत्तर कोरिया का प्रमुख बनाना चाहते है। 
किम जोंग ने अपने फूफा को सबके सामने मरवा दिया था  और बुआ को उसने जहर देकर मरवा दिया था।  

किम जोंग उन का पहला भासण (Kim Jong Un first speech):-


15 अप्रैल 2012 को, किम इल सुंग की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में एक सैन्य परेड के दौरान किम जोंग-उन ने अपना पहला सार्वजनिक भाषण दिया था।2012 में, किम जोंग ने अपने दादा की तरह रैली निकली और भासण दिया।

 फिर अपने दादा की परम्परा की शुरुआत की। 17 साल तक उनके पिता ने कभी भासण नहीं दिया था और कभी रैली नहीं निकली थी। वह हकलाते थे इसलिए उन्होंने कभी भासण नहीं दिया था। किम जोंग उन का भासण सुनकर उत्तर कोरिया की जनता बहुत खुश थी। उन्होंने 17 साल बाद अपने लीडर को सुना था। 

किम जोंग उन का पहला चुनाव(Kim Jong Un's first election):-


9 मार्च 2014 को किम जोंग-उन ने पहली बार चुनाव लड़ा। लेकिन विपक्ष मे कोई था ही नहीं फिर भी वह चुनाव मे खड़ा रहा। और मतदाताओं के पास सिर्फ हाँ या ना में मतदान करने का विकल्प था। सभी देश वासियों को बोल दिया गया सभी को मतदान करना पड़ेगा, ज्यादा से ज्यादा मतदान होना चाहिए। रिकॉर्ड मतदान हुआ और सभी ने "हाँ" मतदान किया। किसी की हिम्मत "ना" मे वोट करने की नहीं हुई। 

उत्तर कोरिया की आर्थिक स्थिति(North Korea Economic Situation)


ऐसा नहीं है की किम जोंग उन जब से सत्ता मे आया है तो सब गलत ही किया है। उसने अपने देश काफी विकास किया है पहले से हालात बहुत अच्छे हो चुके है, जिस देश मे खाने को खाना ना होने के कारण 1994 मे लाखों लोग मारे गये थे, वही देश आज इस मामले मे आत्म निर्भर होते जा रहा है।  सेना को और ताकतवर बनाया, परमाणु सम्पन्न देश बनाया  है। भले ही उत्तर कोरिया का परमाणु सम्पन्न होना दूसरे देशों के लिए अच्छा नहीं है लेकिन उत्तर कोरिया की जनता इसे अपने लिए वरदान मानती है।  

 
सत्ता सम्हालने के बाद किम जोंग उन ने 2013 मे व्यपार के लिए अपने संविधान मे कई बदलाव किये, नये कानून बनाए। जिससे उत्तर कोरिया मे कारोबार करना आसान होगया और अब उत्तर कोरिया के कारोबारी अपने देश के बाहर भी कारोबार कर सकते थे, हलाकि इसके लिए भी कुछ शर्ते थी, लेकिन पहले की तुलना मे कारोबार करना बहुत आसान होगया। 2013 से पहले उत्तर कोरिया मे कारोबार करना बहुत मुश्किल था। वहां कारोबार या तो सेना सम्हालती थी या सरकार जिससे विकास होना बहुत मुश्किल होगया था।  

उत्तर कोरियाई मीडिया अर्थव्यवस्था मे हो रहे सुधार के लिए किम जोंग उन को जिम्मेदार बताती है। उसने कई बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। किम जोंग उन के दादा जहाँ पैदा हुये थे वहां एक बहुत भव्य शहर का निर्माण कर रहा है। जिसमे करोड़ों डॉलर लगाये जा रहे है। 

परमाणु हथियार का परीछण(Testing of nuclear weapons):- 


 उत्तर कोरिया ने अपना पहला  परमाणु परीछण  2006 मे किया था, लेकिन उसके बाद अमेरिका के दबाव के कारण परमाणु परीछण नहीं किये गये। लेकिन जब से  किम जोंग-उन ने सत्ता सम्हाली तो उसने परमाणु कार्यक्रम को तेज कर दिया, अब वह कभी भी परमाणु परीछण करता रहता है और किसी के दबाव मे नहीं आता। इस कारण  अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा उसकी  कड़ी निंदा की जाती है, लेकिन वह इतने मे भी नहीं रुका। 

 उसने हाइड्रोजन बम बनाने का भी आदेश देदिया और 2016 मे उत्तर कोरिया ने हाइड्रोजन बम का परीछण किया, यह इतना खतरनाक था की जापान तक मे इसका असर दिखा था, जापान की धरती भी हिल गई थी। यह पूरी दुनिया के लिए बहुत खतरनाक था इसलिए उत्तर कोरिया पर कई प्रति बंध लगा दिये गये। लेकिन वह किम जोंग उन ही क्या जो किसी के दबाव मे आजाये। 

उसने फिर 2017 में बैलिस्टिक मिसाइल का परीछण करने के आदेश दे दिये, और फरवरी 2017 मे परीछण किया गया, जो सफल रहा। यह लम्बी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल थी। उसने इस परीछण को लाइव टीवी मे दिखाने को कहा। जिससे पूरी दुनिया को यह बात पता चल जाये की उत्तर कोरिया के पास अब बैलिस्टिक मिसाइल भी है, जो किसी भी देश को एक हमले मे बर्बाद कर सकती है। इस परीक्षण के बाद अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने कड़ी प्रतकिया दी और अमेरिका ने यू.एन. सुरक्षा परिषद के साथ मिल कर उत्तर कोरिया पर और कड़े प्रतिबंध लगा दिये।  

किम और दुनिया(Kim and  world):-


2017 में अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए चुने जाने के बाद किम जोंग और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच नोक झोंक शुरू होगई थी।  और ये नोक झोंक धमकी मे बदल गई, डोनाल्ड ट्रम्प बोलते थे हम उत्तर कोरिया को उड़ा दूंगा, और किम जोंग उन बोलता था मै अमेरिका को तबाह कर दूंगा।   

नवंबर 2017 में जब ट्रम्प एशिया के दौरे पर आये तब उन्होंने इस समस्या को हल करने का सोचा  इसलिए ट्रम्प ने नरम रुख अपनाया, उत्तर कोरिया से निरस्त्रीकरण पर चर्चा करने के लिए "मेज पर आने" का आग्रह किया।

अप्रैल 2018 के अंत में, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के साथ अपने शिखर सम्मेलन से ठीक पहले किम जोंग उन ने घोषणा की कि वह देश के परमाणु और मिसाइल परीक्षण को निलंबित कर देगा और उस स्थान को बंद कर देगा जहां पिछले छह परमाणु परीक्षण हुए थे।

किम और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में बातचीत की।  इसके अतिरिक्त, शी ने किम जोंग और उनकी पत्नी के लिए एक भोज की मेजबानी की। 

 उत्तर कोरिया के दक्षिण कोरिया के साथ निर्धारित वार्ता से कुछ ही समय पहले, और अमेरिका के साथ एक और ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन मे भाग लिया। 


किम जोंग उन के बारे मे हमने पढ़ लिया है अब यह भी देख लेते है किम का परिवार कैसे  उत्तर कोरिया का सर्वे-सर्वा कैसे बन गया। 

उत्तर कोरिया का इतिहास (history of north korea):-


 कोरिया प्रायद्वीप पर पहले जापान का राज हुआ करता था। लेकिन जब 1945 मे जापान द्वितीय विश्व युद्ध मे हार गया, तो उसे कोरिया से अपना कब्जा छोड़ना पढ़ा। लेकिन जापान के कोरिया छोड़ने के बाद कोरिया पर किसका सासन होगा यह तय नहीं हो पा रहा था, क्योंकी जापान ने एकदम से कोरिया को छोड़ दिया था।

 कोरिया पर दो विचारधारा के लोग थे, कम्युनिस्ट विचार धारा और लोकतान्त्रिक विचार धारा। कम्युनिस्ट विचार धारा के लोगों को रूस का समर्थन मिल रहा था और लोकतान्त्रिक विचार धारा के लोगों को अमेरिका का। कोरिया 1948 मे दो भाग होगये। उत्तर कोरिया और दछिण कोरिया।  लेकिन 1950 मे कोरिया मे ग्रह युद्ध छिड़ जाता है की किसका राज होगा कोरिया पर। 

 कम्युनिस्ट विचार धारा के लोग रूस और चाइना के साथ मिल कर पुरे कोरिया पर कब्जा करते जा रहे थे। ऐसे अमेरिका आया, और  अमेरिका ने उन्हें पीछे खदेडना शुरू कर दिया। इस युद्ध का बहुत खतरनाक अंजाम होता है लाखों लोग मारे जाते है। फिर 1953 मे  संयुक्त राष्ट्र संघ की मदद से युद्ध को रोका जाता है। 

जो भाग रूस और चीन के पास था,  वह कम्युनिस्ट देश बनता है। और जो भाग अमेरिका के पास होता है वह एक लोकतान्त्रिक देश बनता है। उत्तर कोरिया के अलग देश बनने के बाद रूस चाहता था की किसी ऐसे व्यक्ति को उत्तर कोरिया का मुखिया बनाया जाये जो उसकी बात माने यानी उसकी कटपुतली बन कर रहे। फिर उन्हें मिला किम ईल सुंग जो रूस मानदंडों मे खड़ा हो रहा था। 

बस अब क्या रूस ने आम आदमी को  उत्तर कोरिया का सर्वे-सर्वा बना दिया। जिसका परिवार आज भी उत्तर कोरिया मे राज करता है और पता नहीं कब तक करेगा। इनके परिवार को उत्तर कोरिया मे भगवान के रूप मे मानते है। और जो नहीं मानता उसे मार दिया जाता है। और माने भी कैसे नहीं वहां जब से कोई बच्चा पैदा होता है उसको बस यही बताया जाता है की यही तुम्हरे सबकुछ है। किम ईल सुंग साल 1912 मे पैदा हुआ था इसलिए साल 1912 को उत्तर कोरिया का पहला साल माना जाता है। 

किम ईल सुंग की मौत के बाद किम जोंग के पिता किम जोंग इल सत्ता सम्हलता है। किम जोंग इल के बारे मे उत्तर कोरिया मे अजीब बाते फैलाई गई, जो हमारे लिए अजीब होंगी, लेकिन उत्तर कोरिया की जनता उसे सही मानती है। उत्तर कोरिया मे बताया गया की किम जोंग इल जन्म तीसरे हप्ते मे ही चलने लगा, आठवें सप्ताह मे वह बोलने लगा,  तीन साल की उम्र मे वह मोटर बाइक चलाने लगा और उसके पास ऐसी शक्तियां थी की वह मौसम बदल सकता था। और उसकी मृत्यु के बाद सत्ता सम्हालता है किम जोंग उन, जो अभी भी सत्ता पर है। 

उत्तर कोरिया के अजीब कानून (strange law of north korea):- 


1:- उत्तर कोरिया मे बाल कैसे रखना इसे भी सरकार तय करती है। 2011 मे सत्ता सम्हालने के बाद किम जोंग ने यह तय कर दिया की बाल कैसे कटवाने है। बाल कटवाने के लिए वहां की जनता के पास कुछ ही ऑपशन है। इतना ही नहीं कोई भी व्यक्ति किम जोंग की तरह बाल नहीं कटवा सकता अगर वह ऐसा करते हुये पाया गया तो उसे जेल भी जाना पड़ सकता है। 

2:- उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग कौन रह सकता है यह भी सरकार तय करती है। उसमे सिर्फ अमीर और किम जोंग के विश्वास पात्र लोग ही रह सकते है। सरकार की अनुमति के बिना वहां कोई रहता है तो उसे जेल जाना पड़ता है।  

3:- उत्तर कोरिया मे वहां की जनता टीवी मे सिर्फ तीन चैनल देख सकती है, उनमे भी जो सरकार चाहती है वही दिखाती है। और एक चैनल सिर्फ किम जोंग के गुण गान करने के लिए है। 

4:- उत्तर कोरिया मे गूगल, फेसबुक, यूट्यूब और किसी भी तरह के सोसल मीडिया बैन है। वहां की सरकार नहीं चाहती की वहां की जनता बाहर के लोगों के सम्पर्क मे आये। और वहां पर पोर्न वीडियो देखना भी बैन है। 

5:- उत्तर कोरिया मे स्कूल जाना तो बहुत जरुरी है लेकिन किसको क्या पढ़ना है यह भी सरकार तय करती है। वहां के लोग को सिर्फ उत्तर कोरिया के इतिहास और किम जोंग उन, उसके पिता और दादा के बारे मे पढ़ाया जाता है।

6:- उत्तर कोरिया मे अगर कोई देश द्रोह करता है या सिर्फ किम जोंग के खिलाफ खड़ा होता है तो उसे तो सजा मिलती ही है, लेकिन उसके साथ उसके पुरे खानदान और उसकी आने वाली तीन पीढ़ियों को भी सजा दी जाती। इस भयंकर कानून के कारण किम के खिलाफ खड़े होने की किसी की हिम्मत नहीं होती। 
  
7:- उत्तर कोरिया मे वहां की जनता को अपने घर मे पेंट करने के लिए सिर्फ दो कलर दिये जाते है, पहला ब्लैक और दूसरा सिल्वर। 

8:- वहां की जनता को किम जोंग उन, उसके पिता और उसके दादा  की फोटो लगाना जरुरी है।  

9:- वहां अगर भूकंप आता है आग लगती है तो उसे सबसे पहले किम जोंग उन, उसके पिता, और उसके दादा की फोटो को बचाना पड़ता है। अगर उनकी फोटो को कुछ भी हो जाता है तो उनका जेल जाना तय है। 

10:- किम जोंग उन अगर भासण दे रहा है तो वहां के हर व्यक्ति को भासण सुनना जरुरी है। उस समय हर घर मे टीवी चालू रहनी चाहिए, कोई टीवी नहीं बंद कर सकता।

11:- उत्तर कोरिया मे कोई व्यक्ति जीन्स नहीं पहन सकता। 

12:- उत्तर कोरिया मे सरकार के अनुमति के बिना कोई कार नहीं रख सकता।  

उत्तर कोरिया की 5 अच्छी बातें (5 things north korea is doing better):- 


1:- जैसे हमने पहले बताया उत्तर कोरिया मे हर व्यक्ति कार नहीं रख सकता यह सख्त कानून उत्तर कोरिया के वातावरण के लिए वरदान साबित हुआ वहां पर प्रदूषण बहुत कम है। 

2:- उत्तर कोरिया की जनता को रहने के लिए उत्तर कोरिया सरकार फ्री मे घर देती है। 

3:- उत्तर कोरिया मे शिक्षा फ्री मे दी जाती है, वहां सबको पढ़ना बहुत जरुरी है इसलिए वहां की सक्छरता दर 100% है। 

4:- उत्तर कोरिया मे स्वास्थ सेवाएं फ्री मे दी जाती है, चाहे कोई भी बीमारी हो और उस पर कितना भी खर्च आये। 

5:- उत्तर कोरिया मे सख्त कानून के डर से कोई क्राइम करने की हिम्मत नहीं करता, इसलिए वहां  क्राइम बहुत ही कम है।  

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