सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

अक्तूबर, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

alluri sitaram raju biography in hindi | अल्लूरी सीताराम राजू का जीवन परिचय | alluri sitaram raju in hindi

alluri sitaram raju biography in hindi | अल्लूरी सीताराम राजू का जीवन परिचय     उपलब्धियां : अल्लुरी सीताराम राजू वह सख्स थे जिन्होंने आंध्र प्रदेश मे लोगों के मन से ब्रिटिश सरकार के डर को निकाल फेंका और उन्हें अंग्रेजो के खिलाफ असहयोग आन्दोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। अल्लूरी सीताराम राजू ने भारत की आज़ादी के लिए अपने प्राण को न्योछावर कर दिया था, वह अपने प्राणों को बलिदान करने वाले वीर क्रांतिकारी शहीदों में से एक थे। लेकिन उनको उत्तर भारत मे बहुत ज्यादा ख्याति प्रपाप्त नहीं हुई थी, लेकिन दक्षिण भारत मे उन्हें बहुत माना जाता है।  (आप को भी उनके बारे मे ज्यादा नहीं पता होगा लेकिन जब राम चरण तेजा ने RRR मूवी मे इनकी भूमिका निभाई तो अल्लुरी सीताराम राजू की चर्चा होने लगी)  अल्लुरी सीताराम राजू का जीवन :- अल्लुरी सीताराम राजू का 4 जुलाई 1897 मे आंध्र प्रदेश मे हुआ था। तब पढ़ाई के आज जितने साधन नहीं थे इसलिए ज्यादा औपचारिक शिक्षा तो उन्हें प्राप्त नहीं हो पाई थी। लेकिन उन्होंने अध्यात्म की शिक्षा अपने परिवार के एक सदस्य से प्राप्त की फिर वह अध्यात्म की और बढ़ते गये। वे काली माँ के उ

harshad mehta biography in hindi | हर्षद मेहता का जीवन परिचय | harshad mehta scam 1992

harshad mehta biography in hindi | harshad mehta scam 1992 | harshad mehta story in hindi हर्षद मेहता का पूरा नाम हर्षद शांतिलाल मेहता है, इनका जन्म 29 जुलाई 1954 को राजकोट जिले के पनेली मोती नामक गांव में एक गुजराती जैन परिवार में हुआ था। हर्षद मेहता ने 1976 में लाजपतराय कॉलेज मुंबई से बी.कॉम की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद अगले आठ वर्षों तक कई तरह के काम करते रहे। इसी दौरान ही वह शेयर बाजार में दिलचस्पी लेने लगे और एक ब्रोकरेज फर्म में शामिल हो गए। इसी शेयर बाजार ने उन्हें बुलंदियों मे पंहुचा दिया। हर्षद मेहता का करियर :- 1984 में वह सभी काम छोड़कर जो उन्हें पसंद था उसी काम मे लग गये। वह एक ब्रोकर के रूप में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सदस्य बन गये और बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) मे एक अन्य दोस्त के साथ मिलकर GrowMore Research and Asset Management नामक फर्म की स्थापना की। उन्होंने 1984 ब्रोकर के रूप मे काम करना शुरू किया था लेकिन अभी तक उन्हे वह सफलता नहीं मिल रही थी जो उन्हें 1986 में मिली। 1986 मे कई बड़ी कंपनी ने उनके फर्म में निवेश किया, और उनकी सेवाओं का उपयोग करने लगे। 1990 आते-आत

M Visvesvaraya biography in hindi | एम. विश्वेश्वरैया की जीवनी

  पूरा नाम :- मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या   जन्म :- 15 सितंबर 1860, जन्म स्थान :- चिक्काबल्लापुर, कोलार, कर्नाटक व्यवसाय :- उत्कृष्ट अभियन्ता(इंजीनियर) एवं राजनयिक  स्वर्गवास :- 14 अप्रैल 1962 भारतरत्न सर एम. विश्वेश्वरैया एक प्रख्यात अभियन्ता (इंजीनियर) और राजनेता थे। उन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके द्वारा किये गये अभूतपूर्व कामों के लिए उन्हें 1955 में देश का सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ दिया गया। उनके जन्मदिन को भारत मे अभियन्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने  हैदराबाद शहर के बाढ़ सुरक्षा प्रणाली के का डिज़ाइन बनाया था और मुख्य इंजीनियर के तौर पर मैसुर के कृष्ण सागर बाँध के निर्माण भी में भूमिका निभाई थी। एम. विश्वेश्वरैया का  प्रारंभिक जीवन:- ऍम.विश्वेश्वरैया का जन्म  15 सितंबर 1860 कोलार जिले के चिक्काबल्लापुर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम श्रीनिवास शास्त्री था और  माँ का नाम वेंकाटम्मा था। उनके पिता संस्कृत के विद्वान और आयुर्वेदिक चिकित्सक थे। जब  विश्वेश्वरैया 12 साल के थे तब  उनके पिता का देहांत होगया । ऍम.विश्व

rahul sharma(micromax) biography in hindi | राहुल शर्मा जीवन परिचय| micromax story in hindi

राहुल शर्मा जीवन परिचय| micromax story in hindi    राहुल शर्मा भारत में एक प्रसिद्ध युवा व्यवसायी हैं, वह माइक्रोमैक्स कंपनी के संस्थापक है। राहुल शर्मा ने माइक्रोमैक्स इंफॉर्मेटिक्स की शुरुआत अपने तीन दोस्तों के साथ मिल कर की थी। उनके नाम है सुमीत अरोड़ा, राजेश अग्रवाल और विकास जैन हैं। राहुल शर्मा ने अपने बिजनेस को बढ़ते हुये देश की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंट बाइक रिवॉल्ट मोटर्स कंपनी की भी स्थापना की। माइक्रोमैक्स कंपनी ने उन्हें काफी प्रसिद्धि और पुरस्कार भी दिलाया। राहुल शर्मा की जीवनी/rahul sharma(micromax) biography in hindi;-    राहुल शर्मा शिक्षा:- राहुल शर्मा की समृद्ध शैक्षिक पृष्ठभूमि रही है। उन्होंने कनाडा के  सस्केचेवान विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की, और   साथ-साथ ही वाणिज्य (बी। कॉम) में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। इन पाठ्यक्रमों के अलावा राहुल  शर्मा ने मैसाचुसेट्स के प्रतिष्ठित हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से ऍमबीए किया।    राहुल शर्मा कैरियर:-  राहुल शर्मा का बिजनेस का करियर भी काफी समृद्ध रहा है, उन्होंने साल 2000 मे माइक्रोमैक्स कंपनी स्थापित की है, इस कंपनी का प

shah faesal biography in hindi | शाह फैसल का जीवन परिचय

shah faesal biography in hindi | शाह फैसल का जीवन परिचय  शाह फ़ैसल का प्रारंभिक जीवन:-  शाह फ़ैसल का जन्म जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लोलाब घाटी के सोगम इलाके में 1983 मे हुआ था। उनके पिता का नाम गुलाम रसूल शाह है, वह एक शिक्षक है। इनकी माँ का नाम   मुबेना शाह है, वह भी शिक्षक है।   न केवल उनके माता-पिता शिक्षक थे, बल्कि उनके दादा भी शिक्षक थे। शाह फ़ेसल की शिक्षा :-  शाह फ़ेसल ने झेलम वैली मेडिकल कॉलेज से 2008 मे स्नातक की डिग्री प्राप्त की हैं। और उन्होंने शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस  (SKIMS), श्रीनगर से एमबीबीएस की डिग्री के साथ-साथ उर्दू में मास्टर डिग्री हासिल की। शाह फ़ेसल का आईएएस बनने का सफर :-   2009 में उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया, और पहला स्थान पाने वाले पहले कश्मीरी बने, उन्होंने पहले प्रयास में  यूपीएससी क्लियर कर दिया था। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में टॉप करने वाले वह भारत के चौथे मुस्लिम (आजादी के बाद) थे।  एक सिविल सेवक के रूप में अपने करियर के दौरान शाह फैसल ने डिप्टी कमिश्नर (बांदीपोरा), सहायक आयुक्त (पुलवामा) और

Azim Premji Biography in hindi | अजीम प्रेमजी का जीवन परिचय | Azim Premji story in hindi

Azim Premji Biography in hindi:-   Azim Premji Early Life, Family, Education, Career, Philantrophy and Recognitions विप्रो कंपनी के संस्थापक और अध्यक्ष अजीम हाशिम प्रेमजी एक भारतीय बिजनेस टाइकून, निवेशक, इंजीनियर और साहित्यकार हैं। उन्हें भारतीय आईटी उद्योग के पितामह के रूप में भी जाना जाता है। मात्र चार दशकों मे अजीम प्रेमजी ने विप्रो कंपनी को आईटी उद्योग में से एक अग्रणी कंपनी मे शामिल कर दी।  अजीम प्रेमजी भारत के सबसे धनी लोगों में से एक हैं और अपने परोपकारी कार्यों के लिए अधिक प्रसिद्ध हैं। उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान मिले हैं जिनमे भारत के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार- पद्म विभूषण, पद्म भूषण, शामिल है।  अजीम प्रेमजी का प्रारंभिक जीवन, परिवार और शिक्षा:-   अजीम हाशिम प्रेमजी का जन्म 24 जुलाई 1945 को मुंबई (तब बॉम्बे) में एक शिया मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम मोहम्मद हाशिम प्रेमजी है। वह प्रसिद्ध बिजनेसमैन थे, उन्हें 'राइस किंग ऑफ बर्मा' नाम से भी पुकारा जाता था। भारत की  आजादी के बाद पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना ने प्रेमजी के पिता को पाकिस्तान में रहन

vikram sarabhai biography in hindi | विक्रम साराभाई का जीवन परिचय

vikram sarabhai biography in hindi | विक्रम साराभाई का जीवन परिचय  विक्रम साराभाई  को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है, विक्रम साराभाई अपने समय से बहुत आगे थे,  वह एक धनी व्यापारी परिवार में जन्मे थे।    वह कम उम्र से ही विज्ञान और गणित में गहरी रुचि रखते थे।  भारत से अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए विदेश चले गए। पढ़ाई पुरी करने के बाद वह भारत आये और अपने विज्ञान के प्रति जुनून से देश के लिए कुछ करना चाहते थे।  उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर में कॉस्मिक किरणों पर शोध करना शुरू किया, और ऐसा उनका समर्पण था कि उन्होंने अपना शोध शुरू करने के दो साल के भीतर अपना पहला वैज्ञानिक पत्र प्रकाशित किया!  वह एक बार फिर इंग्लैंड गए और भारत के स्वतंत्र होने पर लौट आए।  नए स्वतंत्र देश में गुणवत्ता अनुसंधान संस्थानों की आवश्यकता को महसूस करते हुए, उन्होंने अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL) स्थापित करने में मदद की।  उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। त्वरित तथ्य जन्मदिन: 12 अगस्त, 1919 रा

Surya sen biography in hindi| सूर्य सेन का जीवन परिचय

Surya sen biography in hindi | सूर्य सेन का जीवन परिचय    जन्म : 22 मार्च, 1894, चटगाँव, सूर्य सेन कि उपलब्धियां : सूर्य सेन ने 11 जनवरी 1934 को अपने एक मित्र को पत्र लिखा था कि- मृत्यु मेरा द्वार खटखटा रही है, मेरा मन अनंत की और बह रहा है। मेरे लिए यह वो पल है, जब मैं मृत्यु को अपने परम मित्र के रूप में अंगीकार करूँ। इस सौभाग्यशील, पवित्र और निर्णायक पल में मैं तुम सबके लिए क्या छोड़ कर जा रहा हूँ? सिर्फ़ एक चीज़ - मेरा स्वप्न, मेरा सुनहरा स्वप्न, स्वतंत्र भारत का स्वप्न। प्रिय मित्रों, आगे बढ़ो और कभी अपने कदम पीछे मत खींचना। उठो और कभी निराश मत होना। सफलता अवश्य मिलेगी। अंतिम समय में भी उनकी आँखें स्वर्णिम भविष्य का स्वप्न देख रही थीं। सूर्य सेन भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले प्रसिद्ध क्रांतिकारियों और अमर शहीदों में से एक थे। भारत को स्वंत्रता दिलाने के लिए अनेकों शहीदों ने  अपने प्राणों की आहुति दी और भारत को स्वतंत्र कराया, इन्हीं में से एक थे सूर्य सेन। सूर्य सेन नेशनल हाईस्कूल में शिक्षक थे,  जिसके कारण लोग उन्हें मास्टर दा कहा जाता था। सूर्य सेन ने अंग्रेज़ सरकार क

ratan tata biography in hindi | ratan tata story in hindi | रतन टाटा की जीवनी

  ratan tata biography in hindi:-    रतन टाटा प्रमुख भारतीय उद्योगपतियों में से एक हैं, जो सबसे बड़े भारतीय उद्योग समूह, टाटा ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़ के पूर्व अध्यक्ष हैं।  वर्तमान में उनके पास टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के अध्यक्ष एमेरिटस का पद है, जो टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंडियन होटल्स और टाटा टेलीसर्विसेज सहित कुछ प्रमुख कंपनियों को नियंत्रित करती है।   वह स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद परिवार के व्यवसाय में सक्रिय रूप से शामिल हो गए। उन्होंने टाटा स्टील कंपनी में एक कर्मचारी के रूप में शुरुआत की और अपने पारिवारिक व्यवसाय के बारे में जानकारी हासिल की। जेआरडी टाटा के सेवानिवृत्ति होने के बाद वह टाटा समूह के नए अध्यक्ष बने। उनके नेतृत्व में इस संगठन ने नई ऊंचाइयों को हासिल किया और बड़ी मात्रा में लाभ प्राप्त की। उन्होंने कई बड़ी देशी और विदेशी कंपनियों को टाटा समूह मे शामिल किया।  जिनमे मुख्य है - टेटली, जगुआर, लैंड रोवर और कोरस, वोल्टास  के अधिग्रहण में उनका महत्वपूर्ण योगदान था।  जिसने टाटा ग्रुप को भारत-केंद्रित कंपनी से वैश्विक ब्रांड

bhikaji cama biography in hindi | भीकाजी कामा का जीवन परिचय | madam kamaji biography

 bhikaji cama biography in hindi | भीकाजी कामा का जीवन परिचय भीखाजी कामा का पूरा नाम भिकाजी रूस्तम कामा था, और  उन्हें मैडम कामा नाम से भी पुकारा जाता है। वह भारतीय मूल की फ्रांसीसी नागरिक थीं,जिन्होंने दुनिया के विभिन्न देशों में जाकर भारत को आजादी दिलाने के पक्ष में माहौल बनाया। मैडम कामा ने 22 अगस्त 1907 में जर्मनी के स्टटगार्ट शहर में सातवीं अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस सम्मलेन के दौरान भारतीय तिरंगा फ़हराया।  यह पहली बार था जब विदेश मे भारतीय तिरंगा फहराया गया था। लेकिन उनका तिरंगा आज के तिरंगे झंडे जैसा नहीं था। उन्होंने इस तिरंगे झंडे में भारत के विभिन्न समुदायों को दर्शाया था।    भीका जी कामा का प्रारंभिक जीवन:-   भीकाजी कामा का जन्म बम्बई में एक पारसी परिवार में 24 सितम्बर 1861 मे हुआ था। इनके पिता का नाम सोराबजी पटेल था, वह भारत के प्रसिद्ध व्यापारी थे। उनकी माँ का नाम जैजिबाई सोराबजी पटेल था और वह एक गृहणी थी, भीखाजी कामा नौ भाई-बहन थे। भीका जी ने  अपनी शिक्षा एलेक्जेंड्रा नेटिव गल्र्स कॉलेज में प्राप्त की थी, वह शुरू से ही तीव्र बुद्धि वाली थी। वे हमेशा ब्रिटिश साम्राज्य को भारत

larry page biography in hindi | google success story in hindi | larry page and sergey brin story

larry page biography in hindi :- जब आप कोई कंपनी खोलें और आपके पास यह आइडिया ना हो कि आप उस बिजनेस से पैसा कैसे कमाएंगे तो कंपनी चलाना काफी मुश्किल हो जाता है मगर लैरी पेज ने ना केवल कंपनी चलाई बल्कि वह कंपनी आज एक मिसाल भी बन गई है।  दोस्तों हमें आज कुछ भी ढूंढ़ना होता है हम इंटरनेट का प्रयोग करते हैं और इंटरनेट पे उपस्थिति सबसे प्रसिद्ध साइट गूगल पे अपने सवालों का जवाब ढूंढ़ते हैं | यह साइट इतनी बड़ी हो चुकी है की आज इंटरनेट का मतलब गूगल हो चूका है। गूगल ने पुरे दुनिया को एक कर दिया है|  आज सब काम इंटरनेट नेट से होते है, गूगल इन सभी कामों को आपस जोड़ कर रखता है, और कई लोगों को प्रत्यछ अथवा अप्रत्यछ रूप से कई लोगों को रोजगार देता है। आज कई सर्च इंजन है लेकिन कोई भी गूगल के सामने नहीं टिक पाता।  गूगल को बनाने वाले इंसान लैरी पेज है, आगे देखेंगे कैसे लैरी पेज ने एक छोटी साइट को इंटरनेट का दूसरा नाम बना दिया। आज गूगल के बिना इंटरनेट की कल्पना नहीं की जा सकती है।  लैरी पेज का प्रारम्भिक जीवन :- लैरी पेज का जन्म मिशिगन, संयुक्त राज्य अमेरिका में 26 मार्च 1973 को हुआ था। लैरी पेज के पिता का नाम

devdutt padikkal biography in hindi | devdutt padikkal career |devdutt padikkal

devdutt padikkal biography in hindi | devdutt padikkal career  प्रारंभिक जीवन:  देवदत्त पडिक्कल का जन्म केरल के मलप्पुरम जिले के एडप्पल में  7 जुलाई 2000 को हुआ था। देवदत्त को बचपन से क्रिकेट खेलने का ज्यादा शोक नहीं था, लेकिन उनके पिता चाहते थे वह एक दिन इंडिया के लिए क्रिकेट खेलें। जब वह छोटे थे, तब उनके पिता एक क्रिकेट बैट उनको दिया। तब उनकी गर्मियों की छुट्टियां चल रही थीं तो वह कभी कभी क्रिकेट खेल लिया करते थे। लेकिन वह बस मस्ती करने के लिए खेलते थे, वह क्रिकेट के प्रति   गंभीर नहीं थे। लेकिन उनके पिता उन्हें क्रिकेट के प्रति जागरूक करते रहते थे। कभी कभी वह खुद देवदत्त के साथ खेलने चले जाया करते थे।  पिता की लगन को देख कर उन्होंने क्रिकेट मन लगा कर खेलना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे लगातार क्रिकेट मे  शामिल होने लगे। अब वह समझ गये की उन्हें क्रिकेट मे ही अपना भविष्य बनाना है। कुछ समय  बाद उनका परिवार केरल से बैंगलोर स्थानांतरित हो गया। बैगलोर मे आने के बाद देवदत्त के पिता ने उनका दाखिला कर्नाटक क्रिकेट अकादमी में करा दिया। यहाँ उनके कोच मोहम्मद नसीरुद्दीन थे, वह यहाँ उनके  मार्गदर्शन

yashasvi jaiswal biography in hindi | yashasvi jaiswal story | yashasvi jaiswal career

yashasvi jaiswal biography in hindi | yashasvi jaiswal story | yashasvi jaiswal career  आज हम एक ऐसा युवा क्रिकेटर की बात कर रहे है जिसने 10 साल की छोटी सी उम्र मे घर छोड़ दिया था, जिसे बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्रिकेट मे करियर बनाने मे, उसने गोलगप्पे बेचे, डेयरी मे काम किया, टैंट और फुटपाथ मे रहा, कई रातें भूके पेट सोना पड़ा, हम बात कर रहे है यशस्वी जायसवाल की।  यशस्वी जायसवाल का प्रारम्भिक जीवन और परिवार :-  यशस्वी जायसवाल का जन्म सुरियावां उत्तर प्रदेश मे 28 दिसंबर 2001 मे हुआ था। वह एक बहुत गरीब परिवार से है, उनके पिता का नाम भूपेंद्र जायसवाल है, वह छोटी सी हार्डवेयर की दुकान चलाते है। और माता का नाम कंचन जायसवाल है, वह ग्रहणी है। यशस्वी जायसवाल 6 भाई बहन है।  यशस्वी जायसवाल का क्रिकेट का सफर के इतना आसान नहीं रहा है, उन्हें अपने जीवन मे कई संघर्ष और त्याग करना पड़ा। यशस्वी 10 साल की छोटी उम्र में उत्तर प्रदेश के भदोही से निकलकर मुंबई गये।  यशस्वी जायसवाल का सफर और  संघर्ष :-  वह भूखे रहे तम्बू में रातें गुजारी, जीवन यापन के लिए गोलगप्पे बेचे लेकिन हार नहीं मानी। इनके इस जज