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नवंबर, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ram prasad bismil biography in hindi | राम प्रसाद बिस्मिल की जीवनी

  राम प्रसाद बिस्मिल का जीवन परिचय  जब भी भारत के इतिहास में महान क्रांतिकारियों की बात होगी तब-तब इस महान वीर सपूत का जिक्र होगा। राम प्रसाद बिस्मिल बस एक महान क्रन्तिकारी ही नहीं थे, वे एक कवि, शायर, अनुवादक, बहुभाषाविद् व साहित्यकार भी थे। इन्होने अपनी बहादुरी और सूझ-बूझ से अंग्रेजी हुकुमत की नींद उड़ा दी और भारत की आज़ादी के लिये मात्र 30 साल की उम्र में अपने प्राणों न्योछावर कर दिए थे।  राम प्रसाद बिस्मिल प्रारंभिक जीवन :- राम प्रसाद बिस्मिल का जन्म उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में 11 जून 1897 मे हुआ था। राम प्रसाद बिस्मिल के पिता का नाम मुरलीधर बिस्मिल था और माँ का नाम मूलमती बिस्मिल था।  राम प्रसाद बिस्मिल ने शुरुआती शिक्षा अपने पिता से प्राप्त की, उन्होंने हिंदी के साथ-साथ उर्दू भी सीखा। जब वह स्कूल गये तो वहाँ वह आठवीं कक्षा तक प्रथम स्थान हासिल करते रहे थे, परन्तु आठवीं कक्षा के बाद वह किसी कुसंगति के कारण उर्दू मिडिल परीक्षा में वह लगातार दो वर्ष अनुत्तीर्ण हो गए।  राम प्रसाद बिस्मिल जब उर्दू की परीक्षा मे दो बार अनुत्तीर्ण होगये तब उन्हें बहुत दुख पहुंचा क्योंकी वह हर वर

Nawab mansoor ali khan pataudi biography in hindi | मंसूर अली खान पटौदी की जीवनी| nawab pataudi biography

Nawab mansoor ali khan pataudi biography in hindi मंसूर अली खान पटौदी भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और महान खिलाड़ी थे। उन्होंने अपनी कप्तानी से क्रिकेट जगत विशेष स्थान हासिल किया था। नवाब पटौदी ने अपने नेतृत्व कौशल से भारतीय क्रिकेट मे नये आयाम जोड़े थे। नवाब पटौदी का शुरुआती जीवन :- नवाब पटौदी जिन्हे टाइगर पटौदी भी कहा जाता था, इनका जन्म 5 जनवरी 1941 मे मध्यप्रदेश के भोपाल के शाही परिवार मे हुआ था। नवाब पटौदी ने शुरुआती शिक्षा देहरादून की प्रसिद्ध स्कूल वेलहम बॉयज स्कूल से प्राप्त की, और उन्होंने ज्यादातर उच्च शिक्षा इंग्लैंड से प्राप्त की। नवाब पटौदी का परिवार और शादी :- नवाब पटौदी इफ्तकार अली खान पटौदी के बेटे थे, जो भोपाल के आठवे नवाब थे। इफ्तकार अली खान पटौदी को सीनियर पटौदी नाम से जाना जाता था, उन्होंने भी भारतीय टीम की कप्तानी की थी। नवाब पाटोदी का विवाह 1 मार्च 1967 मे भारतीय फ़िल्म जगत की मशहूर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर से हुआ था। इनके तीन बच्चे हुए जिनके नाम सैफ अली खान, सोहा अली खान और सबा अली खान है। सैफ अली खान और सोहा अली खान अपनी माँ के पद पर चल कर फ़िल्म जगत मे अपना स्थान

Rajyavardhan Singh Rathore Biography In Hindi

Rajyavardhan Singh Rathore Biography In Hindi | राज्यवर्धन सिंह राठौर का जीवन परिचय राज्यवर्धन सिंह राठौर भारत के प्रसिद्ध निशानेबाज (Shooter) हैं  जिन्होंने 2004 में हुए “एथेंस ओलंपिक” में पुरुष डबल मे पहला रजत पदक जीता था, जिसके चलते हुए पुरे भारत और दुनिया में प्रसिद्धी पाई। आजादी के 57 साल बाद भारत को राज्यवर्धन राठौर ने ओलम्पिक मे रजत पदक दिलाया था। आजादी से पहले 1990 मे ग्रीष्म कालीन ओलम्पिक मे नार्मन प्रिचर्ड ने दो रजत पदक जीते थे। वर्तमान में राज्यवर्धन सिंह राठौर भारत के केंद्रीय मंत्री मंडल मे  सूचना और प्रसारण मंत्री है।  एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित निशानेबाज और पूर्व भारतीय सेना के जवान राज्यवर्धन सिंह राठौर जयपुर ग्रामीण सीट से पार्लियामेंट के सदस्य हैं. वे भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भी है. इन्होंने सन 2014 में हुए, लोक सभा का चुनाव भी जीता. इन्हें सरकार में तब शामिल किया गया, जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने हाल ही में अपने मंत्रीमंडल का विस्तार किया. इन्होंने अपने कैरियर में बहुत से अवार्ड भी जीते। राज्यवर्धन सिंह राठौर का शुरुआती जीवन :-  राज्यवर्धन सिंह राठौर का ज

Pullela Gopichand biography in Hindi| पुलेला गोपीचंद की जीवनी

 पुलेला गोपीचंद की जीवनी  पुलेला गोपीचंद एक प्रसिद्ध भारतीय बैडमिंटन खिलाडी है। 11 मार्च 2001 मे आल इंग्लैंड बैडमिंटन चैम्पियन शिप जीतकर खेल जगत मे नया इतिहास रच डाला था। इनसे पहले प्रकाश पादुकोण ने इन उचाईयो को छुआ था।   पुलेला गोपीचंद का शुरुआती जीवन :- पुलेला गोपीचंद का जन्म 16 नवम्बर 1973 मे आंध्रप्रदेश राज्य के प्रकाशम जिले के नगन्दला कस्बे मे हुआ था। पुल्लेला गोपीचंद के पिता का नाम  पुल्लेला सुभाष चन्द्र है और माँ का सुब्बरावामा है। पुलेला गोपीचंद ने सेंट पॉल स्कूल से 1988 मे स्कूल की शिक्षा पूरी की। उन्होंने ए. वी.कॉलेज, हैदराबाद से लोक प्रशासन में स्नातक की डिग्री हासिल की। गोपीचंद ने 5 जून 2002 को ओलंपियन बैडमिंटन खिलाड़ी पीवीलक्ष्मी से सादी कर लिया। पीवीलक्ष्मी भी आंध्र प्रदेश से ही हैं। पुलेला गोपीचंद का बैडमिंटन करियर :- बचपन मे गोपीचंद को क्रिकेट खेलने में ज्यादा पसंद था, वह क्रिकेट मे ही अपना करियर बनाना चाहते थे, लेकिन उनके बड़े भाई राजशेखर ने उन्हें बैडमिन्टन मे अपना करियर बनाने   के लिए प्रेरित किया। फिर उन्होंने बैडमिंटन खेलना शुरू किया और जब वे केवल 10 वर्ष के थे, तब

Dilip Shanghvi biography in hindi | दिलीप संघवी की जीवनी | Dilip Shanghvi success story in hindi

Dilip Shanghvi biography in hindi दिलीप संघवी (Dilip Shanghvi) दिलीप संघवी प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति हैं, उन्होंने सन फार्मास्युटीकल्स कंपनी (Sun Pharmaceuticals) की स्थापना की, और वह खुद इस कंपनी के MD यानी मैनेजिंग डिरेक्टर (Managing Director) हैं।   वैसे तो भारत में कई सारी फार्मा कंपनी हैं लेकिन सन फार्मा ने अलग ही पहचान बनाई है ना सिर्फ भारत मे अपितु पूरी दुनिया मे। सन फार्मा आज भी निरंतर  क प्रगति कर रही है, निरंतर प्रगति करने वाली कम ही फार्मा  कम्पनियां भारत मे है। दिलीप शंघवी आज भारत के अग्रणी Drug Maker (दवाई उत्पादक) माने जाते हैं। 2020 मे  इस दिग्गज उद्योग पति की कुल सम्पति 6.9 बिलियन डॉलर आंकी गयी है | इन्हें भारत के दूसरे सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार    “ पद्म श्री ” सम्मान भी नवाजा जा  चूका है।  आइये इन प्रतिभाशाली उद्योग पति के निजी जीवन, बिज़नस करियर, अर्जित पुरस्कार और सम्मान के बारे मे कुछ जान लेते है - दिलीप संघवी शुरआती जीवन (Dilip Shanghvi Early Life):- दिलीप संघवी का जन्म  1 अक्टूबर 1955 मे गुजरती जैन बनिया परिवार मे हुआ था। उनका जन्म अमरेली, गुजरात (भारत) मे हुआ था।

ritesh agrwal biography in hindi | रितेश अग्रवाल की जीवनी | ritesh agrwal success story in hindi

  ritesh agrwal success story in hindi  रितेश अग्रवाल ऐसे युवा है जिन्होंने उस उम्र मे बुलंदियों को छू लिया जिसमे हम जैसे लोग घूमने फिरने और सोसल मीडिया मे टाइम पास करते रहते है। उन्होंने मात्र 20 साल की कम उम्र मे oyo room नाम की कंपनी की स्थापना की, आज इनकी कंपनी का नेट वर्थ 8000 करोड़ रूपये है। oyo आज भारत की तीसरी तीसरी सबसे तेजी से उभरती हुई कंपनी है। रितेश अग्रवाल ने बड़े-बड़े उधमियों और निवेशकों को इस बुलंदियों पर पहुँच कर आश्चर्य चकित कर दिया।  रितेश अग्रवाल का प्रारंभिक जीवन :- रितेश अग्रवाल का जन्म 16 नवम्बर 1993 मे उड़ीसा राज्य के कटक जिले के मध्यम वर्गीय परिवार मे हुआ था। इनके परिवार मे माता पिता और तीन भाई बहन है, इनके पिताजी इंफ्रास्ट्रक्चर कारपोरेशन कंपनी मे साथ मिल कर काम करते है और इनकी माँ एक ग्रहणी है।  इन्होंने शुरुआती शिक्षा sacred heart school से पूरी की जो रायगड़ ओड़िशा मे स्तिथ है। स्कूल पास करने के बाद IIT की तयारी करने के लिए वह राजस्थान के कोटा शहर चले गये।  जब वह अपना शहर छोड़कर कोटा गये तो वहां उन्हें पढ़ाई का माहौल तो अच्छा लगा लेकिन वहां रहने मे उन्हें दिक्कत होत

gulzarilal nanda biography in hindi | गुलज़ारीलाल नन्दा का जीवन परिचय

 gulzarilal nanda biography in hindi उपलब्धियां :   भारत के ऐसे प्रधानमंत्रि जो दो बार अतिरिक्त कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में अब तक के एकमात्र ऐसे व्यक्ति रहे, जिन्होंने इस ज़िम्मेदारी को दो बार निभाया। यह प्रासंगिक ही था कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में गुलज़ारी लाल नंदा के व्यक्तित्व और कर्तव्य को भी यहाँ पर प्रस्तुत किया जाता। दरअसल भारत की संवैधानिक परम्परा में यह प्रावधान है कि यदि किसी प्रधानमंत्री की उसके कार्यकाल के दौरान मृत्यु हो जाए और नया प्रधानमंत्री चुना जाना तत्काल सम्भव न हो तो कार्यवाहक अथवा अंतरिम प्रधानमंत्री की नियुक्ति तब तक के लिए की जा सकती है, जब तक की नया प्रधानमंत्री विधिक रूप से नियुक्त नहीं कर दिया जाता।    संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार प्रधानमंत्री के पद को रिक्त नहीं रखा जा सकता। कांग्रेस पार्टी के प्रति समर्पित गुलज़ारी लाल नंदा प्रथम बार पंडित जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद 1964 में कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाए गए। दूसरी बार लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद 1966 में यह कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने। इनका कार्यकाल दोनों बार उसी समय तक सीमित रहा जब