सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Nawab mansoor ali khan pataudi biography in hindi | मंसूर अली खान पटौदी की जीवनी| nawab pataudi biography


Nawab mansoor ali khan pataudi biography in hindi

मंसूर अली खान पटौदी भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और महान खिलाड़ी थे। उन्होंने अपनी कप्तानी से क्रिकेट जगत विशेष स्थान हासिल किया था। नवाब पटौदी ने अपने नेतृत्व कौशल से भारतीय क्रिकेट मे नये आयाम जोड़े थे।


नवाब पटौदी का शुरुआती जीवन :-


नवाब पटौदी जिन्हे टाइगर पटौदी भी कहा जाता था, इनका जन्म 5 जनवरी 1941 मे मध्यप्रदेश के भोपाल के शाही परिवार मे हुआ था। नवाब पटौदी ने शुरुआती शिक्षा देहरादून की प्रसिद्ध स्कूल वेलहम बॉयज स्कूल से प्राप्त की, और उन्होंने ज्यादातर उच्च शिक्षा इंग्लैंड से प्राप्त की।

नवाब पटौदी का परिवार और शादी :-


नवाब पटौदी इफ्तकार अली खान
पटौदी के बेटे थे, जो भोपाल के आठवे नवाब थे। इफ्तकार अली खान पटौदी को सीनियर पटौदी नाम से जाना जाता था, उन्होंने भी भारतीय टीम की कप्तानी की थी। नवाब पाटोदी का विवाह 1 मार्च 1967 मे भारतीय फ़िल्म जगत की मशहूर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर से हुआ था।

इनके तीन बच्चे हुए जिनके नाम सैफ अली खान, सोहा अली खान और सबा अली खान है। सैफ अली खान और सोहा अली खान अपनी माँ के पद पर चल कर फ़िल्म जगत मे अपना स्थान बनाया और सबा अली खान फैसन डिजाइनर है।


नवाब पटौदी का क्रिकेट करियर :-


नवाब पटौदी का जन्म भले ही शाही परिवार मे हुआ हो लेकिन फिर भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा, चाहे निजी जीवन हो या क्रिकेट करियर। नवाब पटौदी जब महज 11 साल के थे तब उनके पिता का पोलो खेलते हुए दिल का दौरा पड़ने से निधन होगया था।

पिता की हुई अचानक मौत से जूनियर पटौदी बहुत प्रभावित हुए, उन्होंने क्रिकेट खेलना छोड़ दिया था। किसी तरह इस सदमे से वह बाहर आये, घर वालों और दोस्तों के मानाने पर उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया। फिर चार साल बाद उनका नाम अखबारों मे आया जब उन्होंने विनचेस्टर की ओर से खेलते हुये शानदार प्रदर्शन किया।

उनका जीवन सही ही चल रहा था लेकिन जब वह 20 साल के हुए तब इंग्लैंड मे एक कार दुर्घटना मे उन्हें काफी चोट पहुंची जिसमे उनकी दाहनी आंख की रौशनी चली गई। दाहनी आंख की रौशनी चले जाने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी, उन्होंने ना सिर्फ भारतीय क्रिकेट टीम मे अपनी जगह बनाई बल्कि भारतीय क्रिकेट को नई उचाईयों तक पहुँचाया। उन्होंने भारतीय टीम के अलवा दिल्ली, हैदराबाद और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी लिए भी क्रिकेट खेला था।


नवाब पटौदी का प्रथम श्रेणी क्रिकेट :-


अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर मे नवाब पटौदी ने 310 मैच खेले जिसमे उन्होंने 15425 रन बनाये 33.67 की औसत से, जिसमे उन्होंने 33 शतक और 75 अर्ध शतक बनाये थे।


नवाब पटौदी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर :-


नवाब पटौदी को 13 दिसंबर 1961 मे अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट खेलने का पहली बार मौका मिला। यह टेस्ट मैच दिल्ली मे इंग्लैंड के खिलाफ खेला जा रहा था। इनके क्रिकेट करियर के शुरुआत के एक वर्ष बाद ही भारतीय टीम के कैप्टेन बनने का मौका मिला। उन्होंने अपने टेस्ट करियर मे 46 मैच खेले, जिसमे उन्होंने 34.91 की औसत से 2693 रन बनाये थे, जिसमे उन्होंने 6 शतक और 16 अर्ध शतक लगाये थे, 203 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर था। आपको उनका औसत भले ही ज्यादा ना लग रहा हो लेकिन उन्होंने अपने करियर के 47 मे से 40 मैच एक आंख की रोशनी जाने के बाद खेला था।


नवाब पटौदी का मैच रैफरी के रूप मे करियर :-


क्रिकेट से सन्यास लेने के बाद उन्होंने 1993 मे मैच रैफरी के रूप मे नये जीवन की शुरुआत की। मैच रैफरी के रूप मे नवाब पटौदी ने दो टेस्ट और 10 एक दिवसीय मैच मे मैच रैफरी की भूमिका निभाई। फिर 1996 मे नवाब पटौदी ने इस भूमिका से भी सन्यास ले लिया।

नवाब पटौदी से जुड़ा विवाद :-


 2005 मे नवाब पटौदी फिर खबरों मे जब उन्हें काले हिरण के  शिकार गिरफ्तार किया गया था। 
  

नवाब पटौदी का राजनैतिक करियर :- 

कई राजे और रजवाड़ो की बड़ी  शख्सियत के राजनीती मे सीधे तौर मे उतरने के बाद नवाब  
नवाब पटौदी ने भी राजनीती हाँथ आजमाने का फैसला लिया, लेकिन उन्हें इस क्षेत्र मे वह सफलता नहीं मिली जो क्रिकेट जगत मे मिली। उन्होंने दो बार चुनाव लड़ा दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

 पहली बार गुरुग्राम से दूसरी बार भोपाल से, 1971 मे नवाब पटौदी ने गुरुग्राम (गुड़गांव) से चुनाव लड़ा था, और दूसरी 1991 बार भोपाल मे कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े यहाँ पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने भी इनके लिए चुनाव प्रचार किया था फिर भी हार झेलनी पड़ी। 


एक दृस्टि मे नवाब पटौदी का जीवन :- 



1- नवाब पटौदी का जन्म 5 जनवरी 1941 मे हुआ था। 

2- 31 दिसंबर 1961 मे इन्होने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मे अपना पहला मैच खेला। 

3- 10 जनवरी 1962 मे इन्होने अपना पहला टेस्ट शतक इंग्लैंड के खिलाफ लगाया। इस पारी मे इन्होने 113 रन बनाये थे।  

4-  23 मार्च 1962 मे मात्र 21 साल की उम्र मे इन्हे भारतीय टीम की कप्तानी करने का अवसर प्राप्त हुआ। 

5- 12 फरवरी 1964 मे इंग्लैंड के खिलाफ इन्होने  203 रन की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली थी।  

6- फरवरी-मार्च 1968 मे इनकी कप्तानी मे भारत ने 3-1 से न्यूजीलैंड को हराकर पहली बार सीरीज जीती थी। 

7- 23 जनवरी 1975 मे इन्होने अपना आखरी मैच खेला। 

8- 1968 मे इन्हे विजडन क्रिकेटर ऑफ ईयर चुना गया। 

9- 1964 मे इन्हे अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया। 

10- 1967 मे इन्हे पद्म श्री से अलंकृत किया गया। 

11- 1993 मे इन्होने मैच रैफरी के रूप मे नये करियर की शुरुआत की। 

12- 2007 मे BCCI मे सलाहकार कमेटी के सदस्य रहे। 

13- यह टीवी एंकर की भूमिका भी निभा चुके है। 

14- 2007 मे भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज इन्ही के नाम(पटौदी ट्रॉफी) से खेली गई। 

15- 2007 मे उन्हें आईपीएल गर्वनिंग कॉउंसील का सदस्य बनाया गया। 

((यहाँ पर हमनें मंसूर अली खान पटैादी के जीवन के बारे में और उनके संघर्ष के बारे मे बताया है, यदि आपको उनके बारे मे और कोई जानकारी चाहिए या आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते है, हम आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतजार कर रहे है))





इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

rahul sharma(micromax) biography in hindi | राहुल शर्मा जीवन परिचय| micromax story in hindi

Kamala Harris biography in hindi | कमला हैरिस की जीवनी | कमला हैरिस का जीवन परिचय

Dilip Shanghvi biography in hindi | दिलीप संघवी की जीवनी | Dilip Shanghvi success story in hindi

jr ntr biography in hindi | जूनियर एनटीआर जीवनी

harshad mehta biography in hindi | हर्षद मेहता का जीवन परिचय | harshad mehta scam 1992