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दिसंबर, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Ravi Teja Net Worth 2020: Car, Salary, Assets, Income, Bio

Ravi teja biography in hindi रवि तेजा तेलगु फिल्म के मशहूर एक्टर है, जिन्होंने हिंदी भासीय क्षेत्र मे भी काफी पहचान बनाई। 49 साल के ये तेलगु सुपरस्टार आज भी फिल्म जगत मे सक्रिय है। रवि तेजा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1990 से की थी। उचे कद और भारी आवाज़ के धनी रवि तेजा तेलगु फिल्म जगत के सबसे धनी अभिनेता है। साउथ मे इन्हे मासमहाराजा नाम से भी जाना जाता है। चलिए रवि तेजा के जीवन के बारे मे कुछ तथ्य जान लेते है - रवि तेजा का प्रारम्भिक जीवन और परिवार :- रवि तेजा का जन्म 26 जनवरी 1968 मे आंध्र प्रदेश के जग्गम्पेता नामक स्थान मे हुआ था। रवि तेजा का पूरा नाम रवि शंकर राजू भूपातीराजू है। रवि तेजा के पिता का नाम राज गोपाल राजू है, वह एक किसान है। इनकी माँ का नाम राज्य लक्ष्मी भूपति राज है, वह एक ग्रहणी है। रवि तेजा के परिवार मे माता पिता के अलावा दो भाई भी है, जिनका नाम भरत राजू जिनका 25  जून 2017 मे एक कार दुर्घटना मे देहांत होगया था। रवि तेजा के भाई भी तेलगु फिल्म मे सक्रिय थे। रवि तेजा की शिक्षा :- रवि तेजा ने अपना शुरुआती जीवन अपने ग्रह जिले विजयवाड़ा मे ही बिताया, यही की एनएस

Brahmanandam biography in hindi | ब्रह्मानंदम का जीवन परिचय

 ब्रह्मानंदम को आज कौन नहीं जनता, जब से साउथ की मूवी को हिंदी मे डब्ड करके टीवी मे चलाया जाने लगा तब से इन्हे पूरे भारत मे पहचान मिली है। ब्रम्हानन्दम दक्षिण भारत की फिल्म जगत के अभिनेता और  हास्य कलाकार है। आज टीवी पर आने वाली हर दूसरी फिल्म मे ब्रम्हानन्दम दिखाई देते है, ब्रम्हानन्दम मुख्य रूप से तेलगु फिल्मों मे काम करते है। इन्होंने हिंदी, तमिल और कन्नड़ फिल्मों मे भी काम किया है। इनका नाम सबसे अधिक फिल्में करने के कारण गिनीज बुक मे दर्ज है।  Brahmanandam biography in hindi |  ब्रह्मानंदम का जीवन परिचय  ब्रम्हानन्दम का प्रारंभिक जीवन एवं परिवार :- ब्रम्हानन्दम का पूरा नाम ब्रम्हानन्दम कनगनती है, इनका जन्म 1 फरवरी 1956 मे आंध्र प्रदेश के सत्तेनापल्ली जिले मे हुआ था । इनके पिता का नाम नागालिंगाचारी है और माँ का नाम लक्ष्मीनरसम्मा है। इनकी पत्नी का नाम लक्ष्मी कनगनती है, और इनके दो बच्चे है जिनके नाम राजा गौतम कनगनती और सिड कनगनती है।  ब्रम्हानन्दम की शिक्षा :- ब्रम्हानन्दम की प्रारम्भिक शिक्षा सत्तेनापल्ली जिले के मुपल्ला गॉव के सरकारी स्कूल से पूरी की। इनके परिवार की आर्थिक स्

jr ntr biography in hindi | जूनियर एनटीआर जीवनी

jr ntr biography in hindi | जूनियर एनटीआर जीवनी /  Jr Ntr Net Worth 2021: Wiki, Income, Bio, Career, Salary, Car जूनियर एनटीआर का शुरुआती जीवन (Jr NTR's Early Life):- सॉउथ के सुपर स्टार जूनियर एनटीआर का पूरा नाम 'नन्दमुरी तारक रामा राव ' है, इनका जन्म 20 मई 1983 मे हैदराबाद मे हुआ था। जूनियर एनटीआर पुराने जमाने के सुपरस्टार और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एनटी रामा राव के पोते है। जूनियर एनटीआर के पिता का नाम नंदमूरी हरिकृष्ण है, इन्होंने दो सादी की थी । इनकी पहली शादी 1973 मे लक्ष्मी राव से की थी। इस शादी से उन्हें दो बेटे जानकी राम और कल्याण राम व एक बेटी सुहासिनी हुई। दूसरी शादी उन्होंने शालिनी से की, दूसरी शादी से उन्हें एक बेटा हुआ जिन्हे आप जूनियर एनटीआर नाम से जानते हैं। जूनियर एनटीआर की शिक्षा(Junior NTR Education) :- इन्होंने शुरुआती शिक्षा विद्यारान्य हाई स्कूल से प्राप्त की थी, और अपना ग्रेजुएशन सेंट मैरी कॉलेज से पूरा किया था। जूनियर एनटीआर की सादी :- इनकी सादी 2011 मे लक्ष्मी प्रणति से हुई थी, लेकिन इनकी सादी के समय कई अड़चने आई थी, बात तब क

Kartar singh sarabha biography in hindi | करतार सिंह सराभा की जीवनी

करतार सिंह सराभा की जीवनी फाँसी के फंदे पर झूलने से पहले करतार सिंह सराभा ने कहा था- हे भगवान मेरी यह प्रार्थना है कि मैं भारत में उस समय तक जन्म लेता रहूँ, जब तक कि मेरा देश स्वतंत्र न हो जाये। करतार सिंह सराभा का प्रारम्भिक जीवन :- सरदार करतार सिंह सराभा का जन्म पंजाब प्रान्त के लुधियाना मे 24 मई 1896 मे हुआ था। करतार सिंह सराभा भारत के उन प्रसिद्ध क्रान्तिकारियों में से एक थे जिन्होंने अपने प्राण देश के लिये हसते हसते न्योछावर कर दिये थे। उन्हें उनके शौर्य, साहस, त्याग एवं बलिदान के लिए हमेशा याद रखा जायेगा। जब करतार सिंह सराभा मात्र 19 वर्ष के थे तब ही उन्होंने भारत के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिये थे। करतार सिंह सराभा के शौर्य एवं बलिदान की मार्मिक गाथा आज भी भारतीयों के लिये प्रेरणा का स्रोत है और भविष्य मे भी देती रहेगी। आज के युवा यदि सराभा के बताये हुए मार्ग पर चलें, तो न केवल अपना, अपितु देश का मस्तक भी ऊँचा कर सकते हैं। करतार सिंह सराभा का क्रन्तिकारी जीवन :- 1905 मे ब्रिटिश सरकार द्वारा किये गये बंगाल विभाजन के कारण पुरे भारत मे क्रांतिकारी आन्दोलन की शुरुआत हो चुकी थ