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Sourav Ganguly biography in hindi | सौरव गाँगुली का जीवन परिचय


Sourav Ganguly biography in hindi  / Sourav Ganguly Net Worth 2021 – Salary, Income, Assets, 



भारत में क्रिकेट के दुनिया मे सबसे ज्यादा प्रशंसक रहते है, और प्रशंसक खेल और खिलाड़ियों के दीवाने होते हैं। और ऐसे ही एक महान क्रिकेटर हैं मिस्टर सौरव गांगुली जिनके बहुत ज्यादा प्रशंसक है। उन्हें एक क्रिकेटर  और एक कप्तान के रूप मे उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए याद किया जाता है और उनके प्रशंसकों और दोस्तों द्वारा उन्हें "दादा" कहा जाता  है।  एक खिलाड़ी के तौर पर वह भारतीय क्रिकेट टीम के ऑल राउंडर थे और लेकिन अपनी बल्लेबाजी के लिए ज्यादा जाने जाते थे।

 यहां पर हम सौरव गाँगुली के खिलाड़ी के रूप में उनके करियर, कप्तान के रूप मे उनकी उपलब्धियों और रिकॉर्ड, व्यवसायों और सबसे महत्वपूर्ण टोटल संपत्ति के बारे में चर्चा करेंगे.

Sourav Ganguly biography in hindi

सौरव गाँगुली का प्रारम्भिक जीवन :-


सौरव गांगुली का जन्म 8 जुलाई 1972 को भारत के पश्चिम बंगाल  में हुआ था। उनका पूरा नाम सौरव चंडीदास गांगुली है। इनके पिता का नाम श्री चंडीदास गाँगुली है और वह एक बिजनेस मैन है और माँ का नाम निरूपा गांगुली हैं। 

सौरव गांगुली का निजी जीवन :-


 सौरव गाँगुली की शादी डोना से हुई, डोना एक ओडिसी नृत्यांगना हैं। दोनों ने परिवार की आपत्ति के विरुद्ध प्रेम विवाह किया था। सौरव के परिवार को अपने रसूख के कारण यह रिश्ता मंजूर नहीं था, इसके वाबजूद सौरव ने अगस्त 1996 में डोना के साथ चोरी-छिपे कोर्ट मैरिज कर ली थी। अंततः जब शादी का रहस्य खुला तब दोनों के परिवार वालों ने रिश्ते को स्वीकार कर लिया और एक बार फिर से फ़रवरी 1997 में दोनों की पारिवारिक रीति-रिवाज से शादी हुई, इसके बाद वर्ष 2001 में उनकी बेटी सना का जन्म हुआ।



सौरव गाँगुली का क्रिकेट करियर :-


सौरव गांगुली की दुनिया भर में बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है; सौरव गांगुली ने क्रिकेट में बाएं हाथ के बल्लेबाज के रूप में प्रवेश किया था और पर वह भारतीय टीम के लिये एक ऑलराउंडर के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहे। वह भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान थे जहां उनकी कप्तानी में भारत महान ऊंचाइयों पर पहुंचा और उन्हें आधुनिक समय का सबसे सफल कप्तान माना जाता है। सौरव गांगुली अभी भी खेल और कई अन्य व्यवसायों से जुड़े हुए हैं।

सौरव गाँगुली ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत स्कूल के दिनों से ही कर दी थी। उन्हें पहली बार बंगाल अंडर 15 मे चुना गया, उन्होंने पहले मैच मे ही उड़ीसा के खिलाफ खेलते हुए शतक जमा दिया था। 

फिर वह  घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट जैसे, रणजी ट्राफी, दीलीप ट्राफी आदि में बेहतर प्रदर्शन करते रहे जिसके बाद उन्हें वर्ष 1992 में वेस्टइंडीज दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल किया गया। इस दौरे में 11 जनवरी 1992 को उन्होंने गाबा में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला अन्तराष्ट्रीय एकदिवसीय मैच खेला। इस दौरे में उन्हें केवल एक ही मैच में खेलने का मौका मिला और उन्होंने केवल तीन रन बनाए, कैरियर के लिहाज से यह दौरा उनके लिए फ्लॉप साबित हुआ और दौरे के दौरान उनके ख़राब बर्ताव के लिए उनकी काफी आलोचना भी हुई थी। इस दौरे के बाद चार साल तक उन्हें राष्ट्रीय टीम में नहीं लिया गया।

फिर वर्ष 1996 में सौरव गांगुली का चयन इंग्लैंड दौरे के लिए हुआ। इस दौरे मे भी उन्हें तीन वन डे मैच में से सिर्फ एक वन डे मैच में खेलने का मौका मिला और उन्होंने इस मैच में 46 रन बनाए। फिर 20 जून 1996 को सौरव गांगुली ने इंग्लैंड के ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान पर अपने टेस्ट कैरियर का आगाज किया। इस मैच में सौरव ने 131 रनों की शानदार पारी खेली, इस शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें एक और मौका दिया गया जहाँ उन्होंने अगले मैच में भी शतकीय पारी खेलकर उन्होंने अपनी योग्यता को साबित किया और आलोचकों को करारा जबाव दे दिया। इस दौरे में उन्होंने एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया, अपने पहले दो टेस्ट मैचों में दो सेंचुरी बनाने वाले वह दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन गए। इस दौरे के बाद सौरव की भारतीय टीम में स्थान पक्की हो गई।

सौरव गाँगुली के क्रिकेट करियर के मे बदलाव तब आया जब उन्हें पहली बार वर्ष 1999 के क्रिकेट वर्ल्ड कप में सचिन तेंदुलकर के साथ ओपनिंग खिलाड़ी के तौर पर उतारा गया। इस टूर्नामेंट में श्रीलंका के विरुद्ध खेलते हुए सौरव ने 183 रन की शानदार पारी खेली और पूर्व भारतीय कप्तान और ऑलराउंडर कपिलदेव का वन डे का 175 रन का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उस समय यह किसी भी भारतीय खिलाड़ी द्वारा वन डे मैच में बनाया गया सर्वाधिक स्कोर था। वन डे मैच में सौरव गांगुली की सचिन तेंदुलकर के साथ खेली गई 252 रन की रिकॉर्ड साझेदारी थी, जिसे उन्होंने आगे जाकर राहुल द्रविड़ के साथ खेलते हुए 318 रन की साझेदारी करते हुए स्वयं तोड़ा दिया था।

वर्ष 2000 मे सौरव गाँगुली को टीम की कप्तानी दिया गया, उन्होंने लंबे समय तक भारतीय टीम का नेतृत्व किया। सौरव के नेतृत्व में ही वर्ष 2003 के क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची थ।

सौरव गांगुली के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट टीम के कई युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला था। उनकी टीम में जहीर खान, हरभजन सिंह, युवराज सिंह, राहुल द्रविड़ और लक्ष्मण जैसे युवा खिलाड़ी तो थे ही, सचिन तेंदुलकर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का भी उन्हें लाभ मिलता रहा। उन्हें अपनी टीम में जोश और जीत के प्रति जज्बा भरने के लिए भी हमेशा याद किया जाता रहेगा। 

वर्ष 2007 के दौरान इस बेहतरीन खिलाड़ी सौरव गांगुली और भारतीय टीम के पूर्व कोच ग्रेग चेपल के बीच विवाद के कारण उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। परन्तु सौरव झुके नहीं और भारतीय टीम से बाहर होने के बाद वे आईपीएल टूर्नामेंट में कोलकाता की टीम केकेआर की कप्तानी करने का मौका मिला। यहां भी उनकी बहुत समय तक नहीं बनी, तो उन्होंने पुणे वारियर की टीम को ज्वाइन कर लिया। समग्र तौर पर कहा जाए तो सौरव गांगुली का क्रिकेट कैरियर काफी शानदार रहा। 

Sourav Ganguly biography in hindi


सौरव गांगुली अंतर्राष्ट्रीय करियर की शुरुआत:-


टेस्ट डेब्यू – बनाम इंग्लैंड 20 जून 1996 को।

अंतिम टेस्ट - बनाम ऑस्ट्रेलिया 6 नवंबर, 2008।

वनडे डेब्यू - बनाम वेस्टइंडीज 11 जनवरी 1992।

 अंतिम वनडे - बनाम पाकिस्तान 12 नवंबर 2008।

 सौरव गांगुली करियर स्टेटसटिक्स ( Sourav Ganguly career statistics) :-


टेस्ट :- सौरव गांगुली ने 113 टेस्ट मैच खेले है, जिसमे उन्हें 188 इनिंग मे खेलने का मौका मिला, इन 188 इनिंग मे इन्होंने 42.18 के एवरेज से 7212 रन बनाये है। जिसमे इन्होने 1 दोहरा शतक 16 शतक और 35 अर्धशतक बनाये है। इस दौरान इनका का स्ट्राइक रेट 51.26 रहा और 239 रन इनका उच्तम स्कोर रहा। टेस्ट मे बॉलिंग की बात की जाय तो इन्होंने 113 मैच 32 विकेट लिये है, जिसमे इनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 28 रन देकर 3 विकेट का रहा।


वनडे :- सौरव गांगुली ने 311 वनडे मैच खेले है, जिसमे उन्हें 300 इनिंग मे खेलने का मौका मिला, इन 300 इनिंग मे इन्होंने 40.73 के एवरेज से 11363 रन बनाये है। जिसमे इन्होने 22 शतक और 72 अर्धशतक बनाये है। इस दौरान इनका स्ट्राइक रेट 73.71 का रहा और 183 रन इनका उच्तम स्कोर रहा। सौरव गांगुली ने 311 मैच मे 100 विकेट लिये है, जिसमे इनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 16 रन देकर 5 विकेट का रहा।



आईपीएल :- सौरव गांगुली ने 59 आईपीएल के मैच खेले है, जिसमे 56 इनिंग मे इन्हे खेलने का मौका मिला, इन 56 इनिंग मे इन्होंने 25.45 के एवरेज से 1349 रन बनाये है। जिसमे इन्होने 7 अर्धशतक बनाये है। इस दौरान इनका आईपीएल का स्ट्राइक रेट 106.81 का रहा और 91 रन इनका उच्तम स्कोर रहा। सौरव गांगुली ने 59 आईपीएल मैच मे 10 विकेट लिये है, जिसमे इनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 21 रन देकर 2 विकेट का रहा।



सौरव गांगुली की टोटल नेट वर्थ :-


सौरव गांगुली की कुल कुल संपत्ति 50 मिलियन अमरीकी डालर होने का अनुमान है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 365 करोड़ भारतीय रुपये के बराबर है। उनकी अधिकांश आय क्रिकेट से ही आई है। गांगुली की ब्रांड वैल्यू सन्यास लेने के बाद भी बहुत अधिक है और क्योंकी वह दुनिया के सबसे अमीर बोर्ड BCCI के अध्यक्ष है, उन्होंने कमेंटेटर के रूप में विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय मैचों मे भूमिका निभाई हैं। वह कई ब्रांडों को भी एंडोर्स करते है जहां से भारी मात्रा में पैसा आता है।

सौरव गांगुली जेएसडब्ल्यू सीमेंट, अजंता शूज, माई11 सर्कल, टाटा टेटली, एसिलर लेंस और सेनको गोल्ड को एंडोर्स करके भी अच्छी खासी कमाई करते है,कुल मिलाकर वह हर साल केवल एंडोर्समेंट से ही करोड़ों की कमाई करते हैं।

इसके अलावा, गांगुली इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) टीम एटिके कोलकाता के मालिक है और सीएबी के अध्यक्ष और विजडन इंडिया के संपादकीय बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। इससे उनका ब्रांड वैल्यूएशन और नेट वर्थ बहुत तेजी से बढ़ रहा था। ऐसे मे अनुमान है कि आने वाले वर्षों में सौरव गांगुली की कुल संपत्ति में और भी तेजी से वृद्धि होगी।

घर: सौरव गांगुली भारत के कोलकाता में एक लक्जरी घर के मालिक हैं, जिसे उन्होंने वर्ष 2009 में खरीदा था। उनके घर की कीमत 7 करोड़ रुपये है । इसके अलावा  वह पूरे देश में कई रियल एस्टेट संपत्तियों के मालिक है।

कारें: सौरव गांगुली का कार कलेक्शन बहुत अच्छा है।  उनके पास ऑडी, बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज बेंज जैसी लग्जरी कारें हैं।
 

रिकॉर्ड और उपलब्धियां::-


• गांगुली एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वनडे में लगातार चार मैन ऑफ द मैच पुरस्कार जीतने वाले एकमात्र क्रिकेटर हैं।

• आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में, गांगुली बल्लेबाज के रूप में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, यानी 117 रन।

• गांगुली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में 3 शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी थे।

•,वह क्रिकेट विश्व कप में भारतीय बल्लेबाजों द्वारा सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

• गांगुली विदेश में सबसे सफल टेस्ट कप्तान हैं।

Sourav Ganguly biography in hindi

सौरव गांगुली को मिले अवार्ड और सम्मान (Sourav Ganguly awards):-


1 - सौरव गाँगुली को 1998 मे अर्जुन पुरस्कार दिया गया था।

2 - सौरव गाँगुली को 1998 मे ही स्पोर्ट्स पर्सन ऑफ़ दी ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
3 -सौरव गाँगुली 2004 मे पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

4 - सौरव गाँगुली को 2013 मे बंगा विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

 अंत में, हम सौरव के आने वाले वर्ष में ढेर सारी उपलब्धियों और ढेर सारे प्यार के साथ एक अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।  वह अपने लक्ष्यों को प्राप्त करते रहें और अपनी निवल संपत्ति को हमेशा बढ़ाते रहें!

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